मोनिका की फाइल फोटो और सुसाइड नोट।
- फोटो : अमर उजाला
मोनिका का फोन देखते उनके गमजदा पति।
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पाकिस्तान सीरीज तक के नंबरों से आए मैसेज
साइबर अपराधियों ने मोनिका को फंसाने के लिए मजबूत जाल बिछाया था। क्राइम ब्रांच अफसर से लेकर तस्कर तक का रोल साइबर अपराधी करते थे। दस दिन से ज्यादा तक मोनिका को डिजिटल अरेस्ट कर कार्रवाई की धमकी देते रहे। वह बात नहीं करती थे, तो अलग-अलग नंबरों से मैसेज आते। ऑडियो रिकॉर्डिंग में उसकी जिंदगी तबाह करने, उसके परिवार के लोगों, रिश्तेदारों को देख लेने की बात कही गई।
सोमवार को साइबर कैफे से डलवाए पांच हजार रुपये
मोनिका के पति रणधीर ने बताया कि मोनिका कई दिन से परेशान थी, लेकिन किसी से अपनी परेशानी नहीं बताती थी। घर में पांच हजार रुपये रखे थे। सोमवार दोपहर वह पांच हजार की नकदी लेकर गई। पूछताछ करने पर पता चला कि उसने किसी साइबर कैफे से किसी को पांच हजार रुपये डलवाए हैं। उसके मोबाइल में किसी बैंक का लिंक नहीं था और न ही यूपीआई था। अंदेशा है कि यह पांच हजार रुपये साइबर अपराधियों को ही भेजे गए हैं।
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