हत्यारोपी विजय धामा को ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के थाना परिक्षितगढ़ में ग्राम प्रधान के बेटे अनित गुर्जर की हत्या के आरोप में भले ही पुलिस ने कुख्यात विजय धामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हो। लेकिन पुलिस की पूछताछ में कई बातें चौंकाने वाली सामने आई हैं। कुख्यात ने बताया कि उपचुनाव के दिन यदि उसके सामने कोई भी आता तो वह उसे जिंदा नहीं छोड़ता।
छह जुलाई को जिला पंचायत सदस्य के वार्ड 34 का उपचुनाव हुआ था। जिसमें भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय धामा और सपा समर्थित प्रत्याशी विपिन भड़ाना आमने-सामने थे। बली गांव निवासी प्रधान कालूराम ने ही विजय धामा को चुनाव लड़ाया था, जिसमें प्रधान का बेटा अनित गुर्जर (30) भी विजय धामा के समर्थन में था। मतदान के समय विजय धामा समर्थकों और अपने साथी प्रशांत व प्रशांत के साथ तैनात गनर को लेकर बली गांव स्थित प्राथमिक स्कूल परिसर में पहुंचा। जिसके बाद विजय धामा ने बूथ कैपरिंग की कोशिश की। जिसका अनित ने विरोध किया तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वहीं गिरफ्तारी के बाद विजय धामा ने पुलिस को बताया कि उपचुनाव में उसका मोटा पैसा खर्च हुआ है। जब प्रधान कालूराम और उनके बेटे अनित ने मुझे चुनाव लड़ाया था तो फिर चुनाव में मुझे बूथ में जाने से क्यों रोका गया। उसे लगा कि प्रधान और उनका बेटा दूसरे प्रत्याशी विपिन को समर्थन कर रहे हैं इसलिए मैंने अनित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस दिन यदि कोई भी सामने आता तो वह भी मरता। आरोपी ने पुलिस को बताया कि सीसीएसयू कैंपस में पढ़ाई के समय से ही वह अवैध पिस्टल रखता था।
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