इसके बाद माहौल और गरमा गया। नगर निगम के कर्मचारी और पार्षद आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
इस बीच, महापौर हरिकांत अहलूवालिया सदन में अकेले बैठकर स्थिति संभालने की कोशिश करते रहे। पार्षदों ने महापौर से मांग की कि उन्हें नगर आयुक्त के पास लेकर जाया जाए। बोर्ड बैठक में बवाल की स्थिति बनी हुई है और आगे और भी टकराव की आशंका जताई जा रही है।
हंगामे और नगरायुक्त के सदन से बाहर जाने के बाद महापौर हरिकांत अहालुवालिया ने अमर उजाला संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि नगरायुक्त का इस तरह सदन छोड़कर बाहर जाना उचित नहीं है। अब दोबारा बैठक बुलाई जाएगी।