कैसे शुरू हुआ विवाद?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 25 अक्टूबर को 661/6 कॉम्प्लेक्स को अवैध निर्माण मानते हुए दो दिन तक लगातार कार्रवाई में ध्वस्त कर दिया गया। आवास एवं विकास परिषद की ओर से 31 अन्य भूखंडों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नेताओं के आश्वासन पर सवाल
मामले में मंगलवार को सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और महापौर हरिकांत अहलूवालिया धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने ध्वस्तीकरण रोकने का दावा कर दुकानों के शटर उठवाए। लेकिन व्यापारी कहते हैं कि 'वादा किया, पर राहत न दी।'
सोशल मीडिया पर छलका दर्द
व्यापारियों ने सोशल मीडिया पर लिखा-हमारा सब कुछ छिन गया और हमसे कहा जा रहा है कि धैर्य रखो। कुछ ने तंज कसते हुए कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना को भारत रत्न मिलना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 'केवल एक बिल्डिंग अवैध बताकर 22 परिवारों को सड़क पर ला दिया।
क्या है कानूनी स्थिति
अधिवक्ता तुषार जैन का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत कोई निर्णय लिया गया है, तो वह अवमानना के दायरे में आएगा।
मुआवजे की मांग
व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष जीतू सिंह नागपाल ने डीएम को ज्ञापन देकर प्रत्येक व्यापारी को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वह दोबारा अपना व्यापार खड़ा कर सकें।