एचआईवी के लक्षण
वजन कम होना और किसी भी बीमारी में दवा का असर न होना
गले-मुंह में लगातार छाले रहना और उल्टी व दस्त की समस्या
खुजली, हरपीज और गुप्त रोग होना
ये हैं नए मानक
शादी से पहले युवक-युवती एचआईवी जांच कराएं
असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित सुई से बचें
पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं
धूम्रपान, मद्यपान, नशीली दवाओं का सेवन न करें
व्यायाम करें, शारीरिक स्वच्छता पर ध्यान दें
| माह |
संदिग्ध एचआईवी
मरीज |
एचआईवी
की पुष्टि |
| जनवरी |
922 |
30 |
| फरवरी |
867 |
28 |
| मार्च |
957 |
33 |
| अप्रैल |
903 |
50 |
| मई |
998 |
42 |
| जून |
927 |
61 |
| जुलाई |
1008 |
49 |
| अगस्त |
757 |
41 |
| |
|
|
10 हजार से ज्यादा लोग आ चुके इलाज कराने
मेडिकल कॉलेज उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। पहले साल महज तीन मरीज आए थे, लेकिन जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ी है और लोग एचआईवी टेस्ट करा रहे हैं, वैसे-वैसे तादाद बढ़ती जा रही है। अब तक यहां करीब 10 हजार लोगों का एचआईवी का इलाज कराने आ चुके हैं।
न घबराएं, इलाज कराएं
प्राचार्य और विभागाध्यक्ष डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) एचआईवी के वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकता है, जिससे वायरस की मात्रा कम हो जाती है। घबराना नहीं चाहिए, इलाज कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि लोगों के लापरवाही बरतने से एचआईवी के मरीज बढ़ रहे हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/