मेरठ में हवाई पट्टी को विकसित करने के एएआई के इनकार से एमडीए की तैयारियों को भी झटका लगा है। एमडीए यहां एयरपोर्ट एंक्लेव नाम की टाउनशिप डेवलप कर रहा है और इस प्रस्ताव को आगे भी बढ़ाने का प्लान था। आशंका यह भी है कि जिन लोगों ने एयरपोर्ट की उम्मीद में यहां पैसा लगाया, वे खुद को ठगा न महसूस करने लगें।
एमडीए ने शताब्दीनगर में इस हवाई पट्टी केपास ही अपनी बेहतर टाउनशिप डेवलप की है। फिलहाल यहां काम चल रहा है। एमडीए ने यहां 48 विला बनाएं हैं। विला की कीमत है 46 लाख रुपये है। टू बीएचके और थ्री बीएचके चार मंजिला फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं, जिनकी कीमत 19 से 23 लाख रुपये है। साठ प्रतिशत से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है और तेजी से काम चल रहा है।
योजना पर आ गया संकट
एमडीए इस प्लान को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा था। एमडीए का प्लान यही था कि यहां हवाई पट्टी का विकास होगा। घरेलू उड़ानें शुरू होंगी। यही कारण था कि चार मंजिला बिल्डिंग को नियमों के दायरे में रखकर ही बाउंड्री से दूर बनाया जा रहा है, ताकि उड़ानों में बाधा उत्पन्न न हो। अब हवाई पट्टी का विकास न होने के निर्णय से फिर इस योजना पर संकट आ गया है। बाकी चालीस प्रतिशत आवासों की बुकिंग को लेकर एमडीए को संघर्ष करना पड़ सकता है। साथ ही आगे का प्लान भी ड्रॉप करना पड़ सकता है।
लोगों ने इसलिए ही लगाया था पैसा
एयरपोर्ट से सटे होने के कारण ही लोगों ने एयरपोर्ट एंक्लेव योजना में पैसा लगाया था। यह योजना भी इसलिए इसी नाम से शुरू हुई थी। यदि यहां हवाई पट्टी ही विकसित नहीं होगी तो निश्चित रूप से आवंटियों को झटका लगेगा। ऐसा न हो कि पैसा वापसी के लिए लोग क्लेम करना शुरू कर दें।
एमडीए ने वर्तमान योजना के हिसाब से ही इस योजना को विकसित किया था। हालांकि हवाई पट्टी विकसित होना यहां के विकास के लिए बेहतर था, पर हम अपनी तैयारियों के आधार पर इस प्रोजेक्ट को और आगे बढ़ाएंगे। पीएस मिश्रा, योजना प्रभारी एमडीए