भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर गांव में रात के अंधेरे में हुई अनिल की हत्या का सच उनकी नाबालिग बेटी की गवाही से अदालत के सामने आया। बेटी ने अदालत में बताया कि उसकी मां पूनम उसके पिता अनिल उर्फ अनित का गला दबा रही थी, जबकि राहुल ने उनके पैर पकड़ रखे थे। 27 दिसंबर 2022 की इस वारदात में बुधवार को अदालत ने पूनम और उसके प्रेमी सिखेड़ा निवासी राहुल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
किनानगर गांव निवासी बॉबी ने दिसंबर 2022 में अपने भाई अनिल की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि 27 दिसंबर की रात अनिल की हत्या कर दी गई थी। अनिल की हत्या के बाद पूनम और राहुल शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए। इसी दौरान अनिल के परिजनों को घटना पर शक हुआ। वे श्मशान घाट पहुंच गए और वहां हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि पूनम का राहुल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
छह महीने तक घर में रहा राहुल, बताया था भांजा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पूनम ने राहुल को अपना भांजा बताया था। राहुल करीब छह महीने से अनिल के घर में ही रह रहा था। मृतक के भाई बॉबी ने पुलिस को बताया था कि राहुल उनका कोई रिश्तेदार नहीं था। इसी दौरान पूनम और राहुल के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई थी।
उन्होंने बताया कि जिस वक्त पूनम और राहुल ने वारदात की, उस समय घर में सो रही नाबालिग बेटी की आंख खुली। उसने देखा कि पूनम अनिल का गला दबा रही थी और राहुल उनके पैर पकड़े हुए था। दोनों ने मिलकर अनिल की हत्या कर दी। हत्या के बाद पूनम ने बेटी को दूसरे कमरे में बंद कर दिया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसे भी जान से मार दिया जाएगा।
शव लेकर श्मशान पहुंचे तो परिजनों को हुआ शक
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह पेश किए। नाबालिग बेटी की गवाही मामले में अहम रही। अदालत ने पूनम और राहुल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दोनों पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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