मेरठ की सरधना तहसील में लंबित मांगों को लेकर शनिवार को लेखपालों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर तहसील परिसर में धरना दिया। लेखपाल संघ ने शासन स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजगी जताई। संघ का कहना है कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशभर के लेखपाल संपूर्ण कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे।
लगातार बढ़ रहे कार्यभार पर जताई नाराजगी
धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि उन पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है। राजस्व अभिलेखों के रखरखाव के साथ ऑनलाइन कार्य, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की जांच, आपदा प्रबंधन समेत कई शासकीय कार्य भी लेखपालों के जिम्मे हैं।
लेखपालों का कहना है कि इसके बावजूद क्षेत्रीय स्तर पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं और जरूरी संसाधनों का अभाव है।
स्थानांतरण और पदोन्नति का मुद्दा
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी न होने और विभागीय परीक्षा परिणामों में देरी से भी लेखपाल संवर्ग में असंतोष है।
17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के सभी लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।