दादरी गांव में कृष्णा नाम से कासिम एक साल से रह रहा था। वह यहां पुजारी का काम भी कर रहा था। लोगों ने उसे दानपात्र से चोरी करते पकड़ा तो पुलिस ने पूछताछ की। इसके बाद उसका राज खुल गया ।
दादरी गांव के शिव मंदिर में कृष्णा नाम से रह रहे मोहम्मद कासिम को बृहस्पतिवार को पुलिस ने कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया। आरोपी को बुधवार को गांव वालों ने चोरी करते हुए पकड़ा था। दौराला पुलिस ने कासिम से अन्य जानकारी जुटाने के लिए कोर्ट से रिमांड लेने के लिए अर्जी लगाई है। बताया गया है कि कासिम के छांगुर बाबा से कोई कनेक्शन तो नहीं है, इसकी जानकारी दौराला पुलिस जुटाएगी।
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बिहार के सीतामढ़ी निवासी मोहम्मद कासिम एक साल पहले दिल्ली आया था। दिल्ली में सुनील बाबा के पास पहुंचकर हिंदू धर्म के मंत्र और विद्या सीखी। कासिम ने सुनील को अपना नाम कल्लू बताया था। इसके बाद वह खिचड़ी वाले बाबा के यहां पहुंचा, लेकिन वहां वह बाबा से नहीं मिल पाया।
कुछ दिन बाद कासिम दौराला के गांव दादरी पहुंचा। मंदिर में कोई पुजारी नहीं होने पर वह यहीं रुक गया। लेकिन, कुछ माह बाद वह बिना बताए ही चला गया था। बुधवार को जब वह दोबारा मंदिर पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसे दानपात्र से चोरी करते हुए पकड़ कर दौराला पुलिस को सौंपा।
रिमांड पर खुल सकते हैं कई राज
कासिम के परिवार में तीन बहन और दो भाई हैं। कासिम का कहना है कि उसने धर्म बदल लिया है। उसने हिंदू धर्म अपनाकर दीक्षा ली है। कासिम ने थाने में अधिकांश देवी देवताओं के मंत्र बोलकर सुनाए। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया, साथ ही रिमांड लेने के लिए अर्जी दाखिल की। मेरठ में छांगुर बाबा के बदर अख्तर सिद्दीकी से कनेक्शन पहले ही मिल चुके हैं। इसके चलते पुलिस कासिम की भी गहनता से पड़ताल कर रही है।
ये बोले सीओ
रिमांड पर मोहम्मद कासिम से पूछताछ की जाएगी। वह एक साल से अपना नाम बदलकर सभी को धोखा दे रहा था। हालांकि, उसने ग्रामीणों को अपना पता सही बताया था। कस्टडी रिमांड पर लेकर उससे काफी जानकारी हासिल की जाएगी। - प्रकाशचंद्र अग्रवाल, सीओ दौराला