जानी थानाध्यक्ष राजेश काम्बोज ने बताया कि राजकुमार पुत्र हरस्वरूप निवासी ग्राम मीरपुर रोहटा ने अपने बेटे मनोज शर्मा की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि मनोज शर्मा बागपत मार्ग पर जानकी पेपर मिल में मशीन ऑपरेटर था। 21 जून की शाम वह ड्यूटी खत्म करके निकला लेकिन घर नहीं लौटा।
शुक्रवार को राजकुमार ने थाने पर बताया कि उसे शक है कि मनोज शर्मा को गांव के ही टेंपो चालक पवन पुत्र सुंदर गिरी, हर्ष उर्फ हट्टी पुत्र बागेश गिरी और आकाश उर्फ गोलू राठी ने मार दिया है। पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी को दबिश दी तो वह फरार मिले। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने एक आरोपी आकाश को गिरफ्तार कर लिया। आकाश की निशानदेही पर कासमपुर गांव में सिप्पल के गन्ने के खेत में शव जमीन में दबा हुआ बरामद हो गया।
कई दिन से साथ शराब पी रहा था आरोपी पवन
पुलिस पूछताछ में आकाश ने बताया कि मनोज शर्मा से उसकी दोस्ती थी। गांव का पवन और हर्ष उर्फ हट्टी एवं मनोज शर्मा और आकाश चारों एक साथ शराब पीते थे। एक महीने पहले शराब पीकर मनोज ने पवन को गाली दे दी थी। दोनों के बीच मारपीट भी हुई। जिसके चलते पवन, हर्ष और आकाश तीनों मनोज से रंजिश मानने लगे।
इसके बाद पवन ने मनोज को रास्ते से हटाने की ठान ली और उसके साथ फिर से शराब पीने लगा। 21 जून की शाम को पवन आकाश और हर्ष तीनों रोहटा में भूरा के ढाबे पर शराब पी रहे थे। पवन ने मनोज शर्मा को वहां बुला लिया। मनोज को तीनों ने ज्यादा शराब पिला दी। ढाबे पर मनोज की खाने को लेकर पवन से फिर कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद मनोज ज्यादा नशे में हो गया तो तीनों उसे बाइक से रोहटा से मीरपुर जाने वाले रास्ते पर कासमपुर के जंगल में ले गए।
यहां, ट्यूबवेल के सामने चकरोड पर होते हुए गन्ने के खेत में ले जाकर उसकी चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। शव को चार फीट गहरा गड्ढ़ा खोदकर दबा दिया। उसके बाद तीनों गांव से फरार हो गए।
एक बेटा और एक बेटी का पिता था मनोज
मनोज शर्मा का शव बरामद होने के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी रेखा रोते-रोते बेहोश हो गई। लोगों ने बताया कि मनोज की सात साल की बेटी अन्यना और चार साल का बेटा प्रियांशु हैं।