वेद व्यासपुरी स्थित एसटीपीआई सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया यानी आईटी पार्क में जुलाई 2022 में सुचारू हुआ। इसमें एक शिफ्ट में 200 लोगों के स्टॉफ के काम करने की क्षमता है। ऐसे में तीन शिफ्ट में यहां 600 लोग काम कर सकते हैं। एसटीपीआई के एडमिनिस्ट्रेटर अरुण प्रियदर्शी ने बताया कि आई पार्क में ऑडिटोरियम, इंटरनेट, कांफ्रेंस हॉल, सुरक्षा सहित सभी सुविधाएं दी जाती हैं। इसके साथ ही ईएचटीपी इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और एटीपी सॉफ्टवेयर टेक्नॉलोजी पार्क स्कीम संचालित हैं।
- वर्तमान में आईटी पार्क में पांच कंपनी कार्य कर रही हैं। इसमें तीन स्टार्टअप संचालित हैं। उपनिदेशक पवन कुमार ने बताया कि अप स्टार्ट टेक में एक कर्मचारी आईटी पार्क में आते हैं। अन्य कर्मचारी ऑनलाइन काम करते हैं। ग्लोबल स्टाइल में पांच कर्मचारी कार्यरत हैं जो आईटी पार्क में आते हैं। इसके अतिरिक्त सेंट्रलिस्टिक्स, जेड एस एम बिजनेस सोल्यूशन, दीप प्रभ मीडिया संचालित हैं। तीन अन्य कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है।
दिल्ली एसटीपीआई में हमारा स्टार्टअप अप्रूव हुआ। फंड भी मिलने शुरू हो गए। एसटीपीआई ने लीप लाइन में देश के 75 स्टॉर्टअप चिन्हित किए। देहरादून में ट्रेनिंग भी हुई। मेरठ में एसटीपीआई है फिर भी सुविधा और ट्रेनिंग का अभाव हैं। - आशुतोष कुमार, कनवेन्शन आईक्यू एलएलपी
साइबर सिक्योरिटी से संबंधित हमारे स्टार्टअप यूपी बेस्ट टेक्निकल स्टार्टअप अवार्ड दिसंबर में मिला। मेरठ के छात्र प्रतिभावान हैं। हमारे आइडिया को दिशा देने के लिए संसाधन नहीं है। - प्रशांत वर्मा, साइबर सिक्योरिटी प्रा. लि.
बोले कॉलेज के जिम्मेदार
एसटीपीआई मेरठ ब्रांच में स्टार्टअप व इनक्यूबेटर की संख्या कम है। एमआईईटी और एमआईटी कॉलेज से स्टार्टअप करने वाले छात्रों को एसटीपीआई से मदद नहीं मिलती है। स्टार्टअप वहां पर रजिस्टर्ड होता है तो उससे पांच हजार महीना किराया लिया जाता है।
- अजय चौधरी, प्रवक्ता, एमआईईटी कॉलेज
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