संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि वायु गुणवत्ता सूचकांक में पिछले 24 घंटे में मामूली सुधार के साथ मेरठ देश के दूसरे नंबर से हटकर अब पांचवें सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज किया गया है, लेकिन हालात चिंताजनक बने हुए हैं। शहर का वायु प्रदूषण स्तर लाल श्रेणी में ही है। शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी देश के 246 वायु प्रदूषित शहरों की सूची में मेरठ पांचवें स्थान पर रहा। जबकि, गाजियाबाद प्रथम और बागपत दूसरे नंबर पर है।
मौजूदा समय एनसीआर समेत पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश स्मॉग की चपेट में है। इससे शुद्ध हवा का टोटा पड़ने के साथ ही श्वांस के रोगियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 374 रिकॉर्ड किया गया। इसमें भी शहर में सबसे ज्यादा हवा पल्लवपुरम क्षेत्र की प्रदूषित रही। यहां का वायु प्रदूषण स्तर 395 दर्ज किया गया। शनिवार को चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि आगामी चार दिनों तक मौसम के शुष्क रहने से रात के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर भी बढ़ेगा फिलहाल हवा न चलने के चलते प्रदूषण का स्तर बढ़कर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
यह रहा प्रदूषण का हाल
मेरठ 374
मुजफ्फरनगर 341
नोएडा 394
बागपत 400
बुलंदशहर 343
गाजियाबाद 433
दिल्ली 371
ग्रेटर नोएडा 363
हापुड़ 382
गंगानगर 335
जयभीम नगर 393
पल्लवपुरम 395
बेगमपुल 370
दिल्ली रोड 362