छह महीने से लापता चल रही इंदिरापुरम कालोनी निवासी रीता (26) की हत्या कर शव गंगनहर में फेंका गया था। इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए परतापुर थाना पुलिस ने पति सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पुलिस ने हत्यारोपी पति हरिनंदन, सास रामपरी, ससुर शंभुशरण, देवर दिपांशु और कार चालक प्रवेश शामिल हैं। जांच में सामने आया कि पति के प्रेम-प्रसंग का विरोध करने पर रीता की हत्या की गई। उसके लापता होने की कहानी बनाकर पति मुंबई में अपने दोस्त के पास जाकर छिप गया था।
पकड़े गए आरोपी।
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सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिले के सिहोल थाना क्षेत्र के विरोज गांव निवासी हरिनंदन यादव पत्नी रीता के अलावा तीन वर्षीय बेटी आयुषी के साथ परतापुर की इंदिरापुरम कॉलोनी में रह रहा था। वह परतापुर की एक कंपनी में काम करता था।
इसी वर्ष 24 मई को रीता के पिता गणेश ने परतापुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो सर्विलांस के माध्यम ने हरिनंदन का फोन मुंबई में ट्रेस किया गया। वहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सीओ के अनुसार पूछताछ में हरिनंदन ने बताया कि उसका एक महिला से प्रेम-प्रसंग हो गया था। इसकी जानकारी रीता को लगी तो वह लड़ाई करने लगी। कुछ दिन बाद उसने रीता को हरिद्वार घुमाने के बहाने ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव खतौली गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद वह बेटी को लेकर दरभंगा पहुंचा और ससुर गणेश को रेलवे स्टेशन से रीता के लापता होने की झूठी सूचना दी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
हरिनंदन ने बताया कि उसने अपने दोस्त परतापुर निवासी प्रवेश की कार किराए पर बुक की थी। इसके बाद पत्नी रीता को हरिद्वार में घुमाने ले जाने के बारे में कहा। वह उसे कार से ले गया। रास्ते में खतौली में एक सुनसान जगह पर कार रोकी। कार में ही रीता की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को गंगनहर में फेंक दिया। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि महिला के शव की तलाश की जा रही है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
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