प्रदूषण की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि आसपास के गांवों के लोगों ने लंबे समय से शिकायत की थी कि टेंडरी से निकलने वाले गंदे पानी की उचित निकासी नहीं हो रही है। इससे खेतों की फसलें प्रभावित हो रही थीं और भूजल भी प्रदूषित हो रहा था।
इसी शिकायत के आधार पर मामला एनजीटी तक पहुंचा। सुनवाई के बाद एनजीटी ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव को इकाई को बंद कराने के आदेश जारी किए।
चर्मशोधन कारखाने पर लगी सील
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मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
हालांकि दूसरी ओर फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों में चिंता का माहौल है। मजदूरों का कहना है कि वे बचपन से इसी काम से जुड़े हुए हैं और उनकी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है।
मजदूरों के अनुसार फैक्ट्री बंद होने की आशंका से वे पिछले दो दिनों से मानसिक तनाव में हैं और उन्हें अपने परिवार के पालन-पोषण की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि अगर फैक्टरी सील हो जाती है तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और एनजीटी के आदेश के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।