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Meerut: बदलेगी एनएच-58 की सूरत, 6-लेन होगा 80 किमी हाईवे, 3500 करोड़ से बनेगा हाई-स्पीड कॉरिडोर

Mon, 13 Apr 2026 12:08 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) को 6-लेन करने की तैयारी तेज हो गई है। परतापुर बाईपास से मुजफ्फरनगर बाईपास तक 80 किमी लंबे कॉरिडोर पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे और कई स्थानों पर एलिवेटेड रोड व अंडरपास बनाए जाएंगे।

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे। संवाद
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विस्तार
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मेरठ से गुजरने वाले दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) को 6-लेन करने की योजना अब जल्द जमीन पर उतर सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने में जुटा है। कंसल्टेंसी कंपनी की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एनएचएआई की टीम ने हाईवे का स्थलीय निरीक्षण भी पूरा कर लिया है।

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माना जा रहा है कि अगले तीन महीनों के भीतर डीपीआर फाइनल होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।

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80 किमी कॉरिडोर पर खर्च होंगे 3500 करोड़
यह परियोजना परतापुर बाईपास से मुजफ्फरनगर बाईपास तक लगभग 80 किलोमीटर लंबे हिस्से पर लागू होगी। हाईवे के चौड़ीकरण और आधुनिकीकरण पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

दरअसल, हाईवे के दोनों ओर तेजी से हो रहे शहरीकरण और नई कॉलोनियों के विकास के कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। अनधिकृत कट और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह मार्ग दुर्घटनाओं के लिहाज से भी संवेदनशील बनता जा रहा है।

 

22 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, बनाए जाएंगे अंडरपास
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार परतापुर से मुजफ्फरनगर के बीच 22 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां अक्सर जाम और हादसे होते हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक को सुचारु बनाने के लिए अंडरपास और अन्य ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम बनाने की योजना तैयार की जा रही है।

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कई स्थानों पर बनेंगी एलिवेटेड रोड
परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, ताकि शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम हो सके।
-सुभारती विश्वविद्यालय (मेरठ) के सामने लगभग 3.50 किमी लंबी एलिवेटेड रोड प्रस्तावित
-खड़ौली-भोला रोड रजबहा क्षेत्र में करीब 3.3 किमी एलिवेटेड रोड
-मंसूरपुर मार्केट एरिया में 1.50 किमी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव

इसके अलावा हाईवे के दोनों ओर 7.5-7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएंगी, जिससे स्थानीय यातायात हाईवे से अलग रह सकेगा।
 
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जनवरी में सौंपी गई थी सर्वे रिपोर्ट
सरकार ने एनएच-58 के चौड़ीकरण के लिए सर्वे का काम कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया को सौंपा था। कंपनी ने जनवरी 2026 में अपनी एलाइनमेंट सर्वे रिपोर्ट एनएचएआई को सौंप दी थी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार फिलहाल रिपोर्ट की तकनीकी जांच की जा रही है।

परियोजना प्रमुख रामपाल सिंह सैनी के अनुसार, एनएचएआई की टीम ने हाल ही में पूरे एनएच-58 का निरीक्षण किया है और रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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