प्लाज्मा लेकर उसे सुरक्षित रख लिया जाता है। जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जाता है। मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन की टीम है जो प्लाज्मा थेरेपी देने के लिए कुशल है। जिस मरीज पर रेमडेसिविर दवा असर नहीं करती है उसे प्लाज्मा थेरेपी दी जा सकती है।
यह है प्लाज्मा थेरेपी
प्लाज्मा थेरेपी को मेडिकल साइंस की भाषा में प्लास्माफेरेसिस नाम से जाना जाता है। प्लाज्मा थेरेपी से तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को रक्त कोशिकाओं से अलग किया जाता है। इसके बाद अगर किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में अस्वस्थ्य टिशू मिलते हैं, तो उसका इलाज समय रहते शुरू किया जाता है।
प्लाज्मा देने वाले बोले, जरूर करें दान
प्लाज्मा दान करना रक्तदान जैसा ही है। इससे कोरोना मरीज की जान बचाई जा सकती है। - अनिल कुमार
प्लाज्मा दान किया था, कोई परेशानी नहीं हुई। बाकी कोरोना योद्धाओं को भी इसके लिए आगे आना चाहिए। - ओमदेव
प्लाज्मा दान किया है। अच्छा अनुभव रहा। मेरे इस प्रयास से किसी की जान बच जाए तो इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। - आकांक्षा