दाग धब्बे छुड़ाने के लिए भी करते हैं इस्तेमाल
मुख्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि फल विक्रेता फल के दाने के लिए भी स्टीकर का इस्तेमाल करते हैं। खादर प्रशासन स्टीकर लगे इन फलों की जांच करेगा। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएगा। ऐसे फल बेचने वाले दुकानदारों पर खाद सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 55 के तहत कार्रवाई होगी।
स्टीकर हटाकर, वहां से फल काटकर खाएं
एफएसएसएआई का कहना है कि फल खरीदने से पहले उनकी क्वालिटी आदि के स्टीकर हटा दें, छिलका उतार कर और देकर ही फल का सेवन करें। बाजार में सेब, नाशपाती और आम आदि पर सबसे ज्यादा स्टीकर लगे होते हैं।
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गोंद, मोम कर सकते हैं बीमार
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि फलों पर अगर केमिकल, गोद या मोम लगा है और इसका सेवन करते हैं तो यह सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे फलों को धोकर और छिलका उतारकर ही खाना चाहिए।
दो लाख रुपये जुर्माने का है प्रावधान
स्टीकर लगाना है तो वह ट्रांसपेरेंट पैकिंग में पैक करके उसके ऊपर स्टीकर लगा सकता है। अगर किसी फल सब्जी में यह लगाया जाता है तो यह अनसेफ कैटेगरी में आ सकता है। इसके लिए दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।