एक पेसमेकर की कीमत डेढ़-दो लाख रुपये होती है, लेकिन अस्पताल में मरीजों को फ्री में लगाए गए। बोस्टन कार्डियक फाउंडेशन के सहयोग से लगे शिविर में मुफ्त 14 पेसमेकर प्रत्यारोपित किए गए। वहीं 25 पुराने मरीजों के पेसमेकर का भी परीक्षण किया।
जसवंत राय स्पेशलिटी अस्पताल में 28वां में निशुल्क पेसमेकर कैंप लगाया गया। बोस्टन कार्डियक फाउंडेशन के सहयोग से लगे इस शिविर में 14 मरीजों को मुफ्त में पेसमेकर प्रत्यारोपित किए गए। अस्पताल में अब तक कुल 735 पेसमेकर निःशुल्क लगाए जा चुके हैं, जो पश्चिम उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
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वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि एक पेसमेकर की सामान्य लागत 1.5 से 2 लाख रुपये होती है। यह प्रक्रिया मात्र 30 मिनट में पूरी हो जाती है और प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को धड़कन संबंधी पुरानी परेशानियां नहीं सतातीं। एक पेसमेकर औसतन 10-15 वर्ष तक कार्य करता है, जिसकी बैटरी या डिवाइस आवश्यकता अनुसार बदली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि इस कैंप में विभिन्न जिलों से मरीज पहुंचे। मेरठ से 7, मुजफ्फरनगर से 1, बिजनौर से 1, दिल्ली से 3, बुलंदशहर से 1 और फतेहपुर से 1, लाभार्थियों में 4 महिलाएं (अफसाना खातून, शृंखला ठाकुर, कमला, गंगा देवी) और 10 पुरुष (विजय कुमार गोयल, देवेंद्र कुमार शर्मा, राकेश कुमार, मंगल सिंह, जगन नाथ, अरुण, राजेश चंद अरोड़ा, सुरेंद्र, सुभाष चंद, मोहम्मद आबिद) शामिल थे। सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से थे।
शिविर के दौरान 25 पुराने मरीजों के पेसमेकर का भी परीक्षण किया गया। 55 वर्षीय मोहम्मद आबिद (कपड़ा मजदूर) ने बताया कि यह उनका तीसरा पेसमेकर है और डॉ. अग्रवाल से मिलने के बाद उन्हें दूसरी जिंदगी मिली। 80 वर्षीय जगन्नाथ (फतेहपुर) अपने बेटे पर निर्भर हैं, जबकि गंगा देवी की बेटी मेरठ में रहती है। सभी मरीजों को दवाइयां, फॉलोअप और मेडिकल सहायता निःशुल्क मिलेगी।
खान-पान की व्यवस्था अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट (संस्थापक बृज भूषण गुप्ता) ने की। प्रक्रिया में डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. राकेश मौर्या, बोस्टन कार्डियक फाउंडेशन के प्रेसिडेंट डॉ. सलिल मिड्डा, डॉक्टर लियोन, सिस्टर वृंदा, टेक्नीशियन ऑस्टिन, टेलर हिल, शिव शंकरन शामिल रहे। यह पहल 24 वर्षों से मेरठ में चल रही है। जसवंत राय चूड़ामणि ट्रस्ट के चेयरमैन अशोक गुप्ता और सुशीला जसवंत राय मेटरनिटी अस्पताल के चेयरमैन राजीव गुप्ता ने आर्थिक सहयोग दिया। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि दिल की धड़कन कम होने वाले मरीज www.bostoncardiacfoundation.org पर रजिस्ट्रेशन कर 2027 के कैंप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हमारे देश में समर्पित रहता है मेडिकल स्टाफ
डॉ सलिल मिड्डा ने बताया कि मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल में वह सेवाएं दे रहे हैं, जो दुनिया के शीर्ष अस्पतालों में से एक है। यूथोपीया, साउथ अफ्रीका, अमेरिका समेत विभिन्न देशों में वह सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि विदेश में लोग अपनी ड्यूटी के घंटे पूरे होते ही चले जाते हैं भले ही कितनी भी जरूरी सर्जरी चल रही हो। उन्होंने कहा कि भारत में चिकित्सा और मेडिकल स्टाफ समर्पित रहता है और संवेदनाओं के साथ इलाज करता है।