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Meerut: बीटेक के छात्र निखिल तोमर के चार हत्यारों को मिली ये सजा, चाकू से गोद दिया था, लड़की का था चक्कर

Tue, 14 Oct 2025 11:32 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

एनएच-58 स्थित एमआईईटी कॉलेज कैंपस में 2022 में निखिल तोमर की चार साथी छात्रों ने हत्या कर दी थी। तभी से चारों जेल में बंद हैं। कोर्ट ने चारों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। जुर्माना भी लगाया है। 
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court - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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न्यायालय अपर जिला कोर्ट संख्या- 3 जयेंद्र कुमार ने एमआईईटी कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र निखिल तोमर की हत्या के मामले में चार छात्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह वारदात करीब साढ़े तीन पहले हुई थी। दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। एक छात्रा को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच वर्चस्व की जंग में यह हत्या हुई थी। 
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कोर्ट ने अभिषेक शर्मा निवासी गली नंबर निवाडी रोड मोदीनगर जिला गाजियाबाद, प्रिंस कुमार निवासी इशापुरम गंगानगर, आयुष त्यागी निवासी नावला थाना मंसूरपुर जिला मुजफ्फरनगर और आदर्श निवासी पोखर भिंडा चौरा चौरी जिला गोरखपुर को दोषी करार दिया है। दोषियों को आजीवन कारावास तथा 54-54 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। 
 

अभियोजन पक्ष के अनुसार, जानी थाने पर 13 अप्रैल 2022 को गांव भूपखेड़ी निवासी सिद्धांत कुमार ने छात्र निखिल तोमर की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि बागपत जनपद के गांव शिकोहपुर निवासी रिश्तेदार पुष्पेंद्र तोमर का बेटा निखिल तोमर एनएच-58 के मेरठ बाईपास स्थित मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। 
 

घेरकर चाकू से गोदा था
13 अप्रैल 2022 को आरोपी छात्रों अभिषेक शर्मा, प्रिंस कुमार, आयुष त्यागी व आदर्श ने कॉलेज कैंपस में निखिल तोमर को घेर कर चाकू से गोद दिया। निखिल तोमर को पास के मेडिकल कॉलेज में लेकर गए, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। जानी थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
 

इस मुकदमे की सुनवाई न्यायालय अपर जिला कोर्ट संख्या-3 में हुई। अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए। मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखकर चारों छात्रों अभिषेक शर्मा, प्रिंस कुमार, आयुष त्यागी और आदर्श को हत्या के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 54-54 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
 

अभिषेक शर्मा को आर्म्स एक्ट में सजा
पुलिस ने अभिषेक शर्मा के कब्जे से चाकू बरामद किया था। न्यायालय ने अभिषेक को आर्म्स एक्ट में भी दोषी पाया है। इस मामले में उसे एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

तभी से जेल में है चारों छात्र, हाई कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली
उम्र कैद की सजा पाने वाले अभिषेक शर्मा, प्रिंस कुमार, आयुष त्यागी और आदर्श बीते साढ़े तीन साल से जेल में बंद हैं। उन्हें हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली। निखिल की हत्या के दिन ही पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उस समय अभिषेक शर्मा बीटेक प्रथम वर्ष, प्रिंस कुमार तृतीय वर्ष, आयुष त्यागी द्वितीय वर्ष और आदर्श प्रथम वर्ष में अध्ययनरत थे।
 
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छेड़छाड़ से शुरू हुई वर्चस्व की जंग 
एमआईईटी में निखिल हत्याकांड से एक महीने पहले एक छात्रा से छेड़छाड़ को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच शुरू हुई वर्चस्व की जंग छात्र निखिल के कत्ल तक पहुंची थी। छात्रों के बीच मारपीट और धमकी देने का सिलसिला एक महीने तक चला था। वारदात से एक दिन पहले 12 अप्रैल 2022 को निखिल तोमर ने दूसरे गुट के छात्र आदर्श को थप्पड़ मार दिया था। इसके अगले ही दिन जब निखिल तोमर कॉलेज कैंपस में आया तो हमलावरों ने उसे घेर लिया और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। चाकू से निखिल की गर्दन पर दो, कमर पर पांच, पेट पर दो वार निशान के मिले थे।

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