मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से बसपा के प्रत्याशी रहे देववृत्त त्यागी का कहना है कि ये समय चुनाव की तैयारियों में जुटने का है। ऐसे में आकाश आनंद को बाहर निकालने से कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है। दावा किया कि कई पुराने बसपाई पार्टी छोड़ने को तैयार हैं।
बसपा में शीर्ष स्तर पर चल रही उठापटक का असर अब निचले पायदान तक दिखाई देने लगा है। आकाश आनंद को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद बसपा के पुराने नेताओं -कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। इस बीच मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी रहे देववृत्त त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भेजा है। उधर, मेरठ में नाराज कई पुराने बसपाइयों के भी पार्टी छोड़ने की चर्चा है।
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देववृत्त त्यागी का कहना है कि आगामी विस चुनाव की तैयारियों के समय संगठन को मजबूत करने की बजाय लगातार फेरबदल किए जाने से कार्यकर्ताओं में असमंजस और अविश्वास की स्थिति पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ लोग ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है।
देववृत्त का कहना है कि विस चुनाव का बिगुल बजने के बाद बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी रणनीति बनाने पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन, पार्टी में लगातार उठापटक चल रही है। आकाश आनंद को चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी से बाहर किया जाना उचित नहीं है। इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा है।
देववृत्त के मुताबिक सिर्फ आकाश ही नहीं, बल्कि जिला अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पदाधिकारियों में बार-बार बदलाव से संगठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि मेरठ में कई पुराने बसपाई पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली से नाराज हैं और पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। जल्द ही उनके भी इस्तीफे भी सामने आ सकते हैं।
नाराज बसपाइयों की एक दिन पहले हुई थी बैठक
देववृत्त त्यागी समेत कुछ नाराज बसपाइयों ने एक दिन पहले संयुक्त रूप से बैठक की थी। बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति और आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि सभी सपा के एक पदाधिकारी से भी मिले। इसके बाद देववृत्त त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद से देववृत्त त्यागी की पार्टी संगठन में सक्रियता पहले जैसी नहीं थी। उनके इस्तीफे के बाद बसपा के अंदर की राजनीतिक हलचल एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
जिलाध्यक्ष बोले, कोई बड़ा नेता नहीं जा रहा
जिलाध्यक्ष मोहित जाटव का कहना है कि देववृत्त त्यागी लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी कार्यालय नहीं आए हैं। वर्तमान में संगठन में उनके पास कोई पद भी नहीं था। इसलिए उनके जाने से पार्टी संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य लोगों के पार्टी छोड़ने की चर्चा थी, जो कि गलत है। सभी बसपा के सच्चे सिपाही हैं और संगठन के साथ जुड़े हुए हैं।
जिला कार्यकारिणी की बैठक आज
बसपा जिला संगठन की बैठक शनिवार को फूलबाग कॉलोनी स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पर बुलाई गई है। जिलाध्यक्ष मोहित जाटव के अनुसार बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कैडर कैंप की जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। हालांकि, पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के बीच बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यकर्ताओं और पुराने नेताओं से संवाद कर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास करेंगे।