पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ मैराजुद्दीन अहमद
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मैराजुद्दीन अहमद का आज निधन हो गया। उनकी तबीयत खराब चल रही थी। उन्हें 10 जनवरी को नई दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। आज शाम लगभग 4 बजे तबीयत बिगड़ने के कारण उनका निधन हो गया।
पूर्व सिचाई मंत्री डॉ. मैराजुद्दीन अहमद के निधन से बागपत जनपद के रटाैल कस्बे में शोक का माहौल। लोगों ने बाजार बंद कर शोक जताया। बताया गया कि रटौल निवासी पूर्व सिचाई मंत्री की दो दिन पहले तबीयत खराब होने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल मे भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
उनकी मौत का समाचार जैसे ही कस्बे के लोगो को पता चला क्षेत्र में शोक छा गया। इस समय वह मेरठ में रह रहे थे और बागपत व रटौल के लोग उनके आवास के लिए रवाना हो गए।
रालोद छोड़ कुछ समय पहले पहुंचे थे कांग्रेस में
डॉ. मैराजुद्दीन अहमद ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही की थी। वह ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कई वर्षों तक सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 1983 में कांग्रेस से सरधना विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बाद में उन्होंने 1998 और 1999 में समाजवादी पार्टी से बागपत लोकसभा से चुनाव लड़ा। वे जीत तो नहीं पाए, लेकिन उनके चुनाव लड़ने से चौ. अजित सिंह के काफ़ी वोट का नुकसान उठाना पड़ा।
2002 में थामा था रालोद का दामन
वर्ष 2002 में उन्होंने सपा छोड़कर रालोद का दामन थाम लिया। रालोद में आते ही उन्हें वर्ष 2003 में निर्यात निगम का चेयरमैन बना दिया गया। बाद में रालोद से ही प्रदेश के बाढ़ एवं सिंचाई मंत्री बने। छह माह तक वे कैबिनेट मंत्री रहे। वे रालोद के राष्ट्रीय महामंत्री थे, लेकिन रालोद और भाजपा का गठबंधन होने के बाद उन्होंने पार्टी से त्याग पत्र दे दिया था और काग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे।
68 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
पूर्व मंत्री मैराजुद्दीन 68 वर्ष के थे। उन्हें सर्वाइकल और ब्लड प्रेशर की शिकायत पर दिल्ली एम्स में भर्ती किया गया था। रविवार को शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
शायरी के थे शौकीन
पूर्व मंत्री शायरी और कविता के भी शौकीन थे। उन्होंने मेरठ शहर में बड़े-बड़े मुशायरा और कवि सम्मेलनों के आयोजन कराए। इसीलिए कवियों और शायरों की दुनिया में भी उनके निधन का समाचार सुनकर शोक छा गया।