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Meerut: सिर पर क्रेन का कुंडा गिरने से फिटर की मौत, बिलखती रह गईं चार मासूम बेटियां और पत्नी

Thu, 28 Nov 2024 10:59 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

सिंघल पेपर मिल में हादसे के बाद लोगों ने जाम लगाकर हंगामा कर दिया। सबने कहा कि अरुणपाल के पांच बच्चों को कौन पालेगा। राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने मिल से 27 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। 
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अरुणपाल की मौत के बाद एकत्र हुए लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गांव राफन के निकट स्थित सिंघल पेपर मिल में बुधवार दोपहर क्रेन की सीलिंग (कुंडा) टूटकर फिटर के सिर पर गिरने से मौत हो गई। 
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मिल के बाहर धरने पर बैठी महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर की शकुंतला कालोनी निवासी अभिषेक ने बताया कि वह और उसका चाचा अरुणपाल (35) पुत्र रामचंद्र राफन के निकट स्थित सिंघल पेपर मिल में नौकरी करते थे। अरुणपाल यहां कई साल से फिटर के रूप में काम कर रहे थे। दोपहर के समय सूचना मिली कि चाचा के साथ हादसा हो गया। वह मौके पर पहुंचा तो मिल वाले उसके चाचा को इलाज के लिए ले जा चुके थे। जानकारी करने पर पता चला कि सुबह करीब 11:00 बजे अरुणपाल रोल चढ़ा रहे थे। इसी दौरान क्रेन की सीलिंग (कुंडा) टूटकर सिर पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मिल स्टाफ घायल अरुणपाल को पहले मेरठ प्राइवेट अस्पताल, बाद में मेरठ मेडिकल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
 

परिजनों को हादसे में मौत की जानकारी हुई तो वे शाम चार बजे सिंघल पेपर मिल गेट पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मामला राज्यमंत्री दिनेश खटीक तक पहुंचा तो उन्होंने वार्ता कराई। राज्यमंत्री ने रात करीब आठ बजे आश्वासन दिया कि मिल की ओर से 27 लाख रुपये, 12 हजार रुपये मृतक की पत्नी मोनिका को पेंशन तथा तीन लाख रुपये राज्यमंत्री दिनेश खटीक अपने पास से मदद करेंगे। इसके बाद परिजन लौट गए। वहीं, मिल के प्रशासनिक मैनेजर विनोद कुमार ने कहा कि हादसे में अरुणपाल की मौत हुई है। परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी।
 
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मृतक की चार बेटियां व एक बेटा

अरुणपाल की चार बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी खुशी (14), अंतिम (12), अनन्या (10), प्रिया (8) और 11 माह का बेटा है। परिवार के पालन पोषण का एकमात्र साधन यही नौकरी थी। लेकिन अरुणपाल की मौत के साथ ही यह सहारा भी चला गया। चारों बेटियां पिता की मौत बुरी तरह बिलख रही थीं। 

 
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