गंगा मोटर कमेटी के कोषाध्यक्ष अनिल मित्तल ने बताया कि लगभग एक वर्ष में सभी मशीन की फिटिंग से लेकर निर्माण संबंधी सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं। सोमवार को मशीन से गैस पाइप लाइन को कनेक्ट कर दिया गया। शव दाह ग्रह को संचालित करने के लिए बिजली और गैस दोनों का प्रयोग किया जाएगा। इलेक्ट्रिक हीटर के साथ गैस दोनों का ही अंतिम संस्कार में प्रयोग किया जाएगा। बुधवार सुबह ट्रायल के बाद शवदाह गृह आरंभ हो जाएगा।
45 मिनट में हो जाएगा अंतिम संस्कार
एक अंतिम संस्कार में अधिकतम 45 मिनट का समय लगेगा। प्लेटफार्म से मशीन के अंदर शव को ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक मोटर का प्रयोग किया जाएगा। एक शव के अंतिम संस्कार में लगभग 15 किलो गैस उपयोग में आएगी। ऐसे में संपूर्ण खर्च 1200 से 1500 से बीच होगा।
मशीन को ऑपरेट करने के लिए 20 हजार रुपये में एक युवक की नियुक्ति की जाएगी। कोषाध्यक्ष अनिल मित्तल ने बताया कि दो हजार की रसीद कटवाकर किसी भी शव का अंतिम संस्कार हो जाएगा। अभी तक चार क्विंटल लकड़ी का खर्च 3200 रुपये और अन्य खर्च मिलाकर अंतिम संस्कार पांच से छह हजार के बीच होता था।