वहीं, तीसरा मुकदमा मेडिकल थाने के दरोगा देवेंद्र कुमार शर्मा की तरफ से प्रशांत चौधरी, अक्षय सिंह, शेखर उर्फ परमीत, अक्षय बैंसला, शान मोहम्मद और नानपुर एवं 20-25 अज्ञात युवकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147,149,307,504, 506 और 7 क्रिमनल एक्ट में दर्ज कर लिया गया है। सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हर्ष ढाका और रोहित नानपुर की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। प्रशांत के पास से .32 बोर की मुंगेर की पिस्टल बरामद की गई है।
सुरक्षा इंतजाम की धज्जियां उड़ीं
चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की शुक्रवार दोपहर फिर धज्जियां उड़ गईं। ताबड़तोड़ फायरिंग से परिसर में छात्र-छात्राओं के बीच दहशत फैल गई। ये भी तब है जबकि विवि की सुरक्षा पर हर साल पांच करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होते हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं, विवि प्रशासन ने शाम को मंथन करके फिर सुरक्षा व्यवस्था का नये सिरे से तानाबाना बुना है। दावा है जल्द गार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 10-11 चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। वाहनों के पास की व्यवस्था होगी। शनिवार को विवि प्रशासन डीएम से डिग्गी का रास्ता बंद कराने के लिए पत्र लिखेगा।
नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद विवि प्रशासन ने नये सिरे से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का तानाबाना बुनने का दावा किया। मुख्य गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्डों का आने वालों की चेकिंग और रिकॉर्ड बनाने के निर्देश दिए मगर अफसोस सभी दावे हवा-हवाई साबित हुए। विगत माह परिसर में विद्यार्थियों के साथ मारपीट की कई घटनाएं हुईं। रफ्तार में वाहनों के दौड़ाने की शिकायत हुईं। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों का भरोसा दिया कि जल्द न सिर्फ कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे बल्कि सघन चेकिंग भी कराई जाएगी। सिक्योरिटी गार्डों को वॉकी-टॉकी दिए जाएंगे ताकि विवाद की स्थिति होने पर सभी एकजुट हो सकें। इसके साथ ही चीफ प्रॉक्टर ने कहा परिसर में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा का पास बनाया जाएगा, जिसको देखने के बाद ही प्रवेश मिलेगा मगर अभी किसी के भी पास नहीं बने हैं।
शाम को कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. भूपेंद्र सिंह और प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों ने मंथन किया। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 156 सिक्योरिटी गार्ड लगे हैं, जो तीनों शिफ्ट में काम करते हैं। न सिर्फ परिसर बड़ा है बल्कि कई बिल्डिंग बनने की वजह से गार्ड की कमी महसूस हो रही है, जिनके बढ़ाने पर जल्द फैसला होगा।