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Meerut: अंसल टाउन के फ्लैट में आग, आधा घंटे तक फंसे रहे छह लोग, फायर इक्यूपमेंट फेल

Mon, 06 Jun 2022 12:03 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

हादसा अंसल टाऊन कालोनी में रविवार की रात में हुआ।
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मेरठ में आग - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ के मोदीपुरम बाईपास स्थित अंसल टाऊन कालोनी में देर रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। मकानों में विद्युत सप्लाई के लिए लगे मीटर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। आग नीचे लगी थी और ऊपर परिवार के लोग फंसे रहे, जिससे वहां पर हडकंप मच गया। आग पर काबू पाने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। 

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यह हादसा अंसल टाऊन कालोनी में रविवार की रात में हुआ। मकान संख्या एफ एफ-83 निवासी नरेश सहगल, अपने बेटे बरुण सहगल, पत्नी  बीना  सहगल, पुत्रवधु शैली सहगल व दो पोते अरनव व प्रभव के साथ रहते है। नरेश सहगल ने बताया कि जीने में मीटर लगे हुए है, जहां से ऊपर नीचे के फैलैटों में बिजली की सप्लाई की जाती है। अचानक से आग लग गई और तेज धमाका होने लगा।
 

आग ने थोड़ी ही देर में विकराल रुप धारण कर लिया। जिस कारण से परिवार के लोग ऊपर ही फंस गए और नीचे आग लगती रही। आग लगने के बाद अंसल टाऊन प्रबंधन व बिजली विभाग को सूचना दी, लेकिन एक घंटे तक भी कोई नहीं आया। बाद में कालेानी के लोगों ने साहस दिखाते हुए आग को बुझाने के लिए फायर इक्यूपमेंट उठाए तो वह भी नही चले, फिर बालू रेत व पानी का सहारा लेकर हिम्मत कर आग पर काबू पाया।

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आग बुझने के बाद ही परिवार के लोग घबराते हुए नीचे आए और आसपास के लोग भी बाहर आ गए। जिससे कालोनी में अफरा तफरी मच गई। फलैट की लाइट भी काटनी पड़ी और कंट्रोल रुम में फोन करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया। 
 

यह भी पढ़ें: खौफनाक हादसा: पहले सुहेब के जनाजे में हुए शामिल फिर सागर की अर्थी को दिया कंधा, दो दोस्तों की मौत पर रो उठा पूरा गांव

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दहशत में बीता आधा घंटा, आज तो मौत सामने थी 
नीचे आग लग गई है कोई तो बचाओं  महिला ऊपर बालकानी से चिल्ला रही थी, आग लगी है आग लगी है कोई तो बचाओं इतनी बात सुनकर लोग बाहर आए और बचाने के लिए लग गए। बीना सहगल  की सांसे अटकी हुई थी, नरेश सहगल भी परिवार को लेकर परेशान थे, आधा घंटे तक वह दहशत मेें थे और आग लगने के कारण धुआं फैल रहा था और मौत का मंजर दिखाई दे रहा था। जब तक आग नही बुझी तब तक राहत की सांस नहीं ली। 

मेंटीनेंस इतना और सुविधा कम 
कालोनी निवासी राजेश शर्मा का कहना है कि कालोनी में मेंटीनेंस एक माह का 2700 रुपये है और सुविधा यहां पर कुछ नहीं है। यहां पर आग लगने के एक घंटे बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा, ना गार्ड ने कोई मदद की न अन्य किसी अंसल के स्टाफ ने मदद की। जिससे कालोनी के लोगों में रोष है। आशीष का कहना है कि यहां पर सुविधा न होने के कारण यह हादसा हुआ है। किसी का कोई ध्यान नहीं है। 

परिवार के लोग रात में ही मकान छोड़कर चले गए
नरेश सहगल का परिवार आग लगने के कारण इतना घबरा गया कि वह रात में 12 बजे आग लगने के बाद वहां मकान को छोड़कर चले गए। नरेश सहगल का कहना है कि अपनी और बच्चों की जान ज्यादा जरुरी है। बच्चे भी रो रहे थे और उनकी पत्नी बीना सहगल भी रो रही थी। आग लगने के बाद वह मेरठ अपने रिश्तेदार के यहां पर चले गए। उनका कहना था कि यहां कुछ पता नहीं फिर से कब आग लग जाए।
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