दहशत में बीता आधा घंटा, आज तो मौत सामने थी
नीचे आग लग गई है कोई तो बचाओं महिला ऊपर बालकानी से चिल्ला रही थी, आग लगी है आग लगी है कोई तो बचाओं इतनी बात सुनकर लोग बाहर आए और बचाने के लिए लग गए। बीना सहगल की सांसे अटकी हुई थी, नरेश सहगल भी परिवार को लेकर परेशान थे, आधा घंटे तक वह दहशत मेें थे और आग लगने के कारण धुआं फैल रहा था और मौत का मंजर दिखाई दे रहा था। जब तक आग नही बुझी तब तक राहत की सांस नहीं ली।
मेंटीनेंस इतना और सुविधा कम
कालोनी निवासी राजेश शर्मा का कहना है कि कालोनी में मेंटीनेंस एक माह का 2700 रुपये है और सुविधा यहां पर कुछ नहीं है। यहां पर आग लगने के एक घंटे बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा, ना गार्ड ने कोई मदद की न अन्य किसी अंसल के स्टाफ ने मदद की। जिससे कालोनी के लोगों में रोष है। आशीष का कहना है कि यहां पर सुविधा न होने के कारण यह हादसा हुआ है। किसी का कोई ध्यान नहीं है।
परिवार के लोग रात में ही मकान छोड़कर चले गए
नरेश सहगल का परिवार आग लगने के कारण इतना घबरा गया कि वह रात में 12 बजे आग लगने के बाद वहां मकान को छोड़कर चले गए। नरेश सहगल का कहना है कि अपनी और बच्चों की जान ज्यादा जरुरी है। बच्चे भी रो रहे थे और उनकी पत्नी बीना सहगल भी रो रही थी। आग लगने के बाद वह मेरठ अपने रिश्तेदार के यहां पर चले गए। उनका कहना था कि यहां कुछ पता नहीं फिर से कब आग लग जाए।