नलकूप से स्टार्टर चोरी कर खेत में छिपे बदमाशों ने किसान कोविंद्र (38) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। डेढ़ घंटे तक पोस्टमार्टम के लिए शव नहीं ले जाने दिया। पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के आलमगिरपुर बढ़ला-8 गांव के जंगल में यह वारदात हुई। बुधवार शाम किसान कोविंद्र परिजनों से मस्जिद के पास स्थित खेत पर आलू भरने की बात कहकर गया था। छह बजे तक भी जब वह घर नहीं लौटा तो चचेरा भाई रॉबिन उसे तलाश करता हुआ खेत पर पहुंचा। वहां खून से लथपथ कोविंद्र का शव पड़ा था। पेट पर किसी धारदार हथियार से गोदने के कई निशान थे। रॉबिन ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। हत्या की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार, सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की तैयारी करने लगी, तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और क्षेत्र में नलकूपों पर लगातार चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की गई। करीब डेढ़ घंटे की जद्दोजहद के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शव उठने दिया। परिवार में पत्नी नीरज, मां राजवती व उसके तीन संतानों में दो बेटी एक बेटा है। परिजन रोते हुए कई बार बेसुध हुए। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
हत्या से पहले कोविंद्र ने बदमाशों से किया संघर्ष
कोविंद्र का शव जिस हालत में खेत में मिला, उसे देखकर लग रहा था कि हत्या से पहले उसने बदमाशों के साथ संघर्ष किया होगा। ईख की फसल का काफी हिस्सा तहस-नहस था। शव के पास से ही कोविंद्र के नलकूप से चोरी हुआ स्टार्टर, दो कारतूस और दो खोखे बरामद हुए। ग्रामीणों का दावा है कि कोविंद्र जब खेत पर पहुंचा तो उन्हें नलकूप से स्टार्टर चोरी मिला। बदमाशों की तलाश में कोविंद्र खेत की तरफ गया तो उसे तार और चोरी हुआ स्टार्टर मिला। तभी अंदर छिपे बदमाशों ने हमला कर हत्या कर दी।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।