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Meerut: ऑनलाइन पेमेंट में नया फर्जीवाड़ा, पेमेंट का फोटो दिखाता था आरोपी, खातों में नहीं आता था पैसा, गिरफ्तार

Mon, 29 Dec 2025 02:00 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर प्रेंक ऐप से ठगी का मामला सामने आया है। फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से हजारों रुपये की ठगी की जा रही थी, आरोपी गिरफ्तार किया गया है।
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ऑनलाइन पेमेंट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के बीच ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। मेरठ की जाकिर कालोनी में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ, जहां ऑनलाइन भुगतान के नाम पर दुकानदारों से धोखाधड़ी करने वाले युवक को लोगों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। पहले लोगों ने उसकी पिटाई की, बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। यह मामला आम लोगों के लिए सतर्क होने की चेतावनी है।

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लोहियानगर थाना क्षेत्र के जाकिर कालोनी निवासी सुहैल की कनफेक्शनरी की दुकान है। उन्होंने बताया कि बीते एक सप्ताह से एक युवक दुकान पर आकर सामान खरीदता और ऑनलाइन पेमेंट करने का दावा करता था। वह मोबाइल पर पेमेंट होने का फोटो दिखाकर चला जाता था, जिससे दुकानदार को विश्वास हो जाता था कि पैसा खाते में आ गया है।

बाद में पता चला कि खाते में कोई रकम ट्रांसफर ही नहीं हुई। इस तरह आरोपी अब तक करीब 13 हजार रुपये की ठगी कर चुका था। शनिवार शाम जब युवक फिर इसी तरीके से भुगतान का फोटो दिखाने लगा तो दुकानदार को शक हो गया। पूछताछ करने पर मामला खुल गया और लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया।
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आरोपी की पहचान साजिद निवासी अहमदी मस्जिद के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने गूगल क्रोम से एक फर्जी प्रेंक ऐप डाउनलोड किया था, जिसमें नकली पेमेंट का मेसेज और स्क्रीनशॉट दिखता है, लेकिन असल में ट्रांसफर नहीं होता।

सिर्फ स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें
लोहियानगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि केवल स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें, खाते में रकम आने की पुष्टि जरूर करें।

ट्रेडिंग का झांसा देकर 46.97 लाख रुपये की ठगी 
परतापुर क्षेत्र में साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर प्रतीक वर्मा से 46.97 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने शनिवार को थाने पर तहरीर देते हुए साइबर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस प्राथमिकी दर्ज के आधार पर मामले की जांच में लग गई है। दिल्ली रोड स्थित राजकमल रेजिडेंसी निवासी प्रतीक वर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि नौ दिसंबर को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। 

आरोपी ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर दोगुने मुनाफे का लालच दिया था। प्रतीक ने नौ से 24 दिसंबर के बीच आरोपी के खाते में 46.97 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे थे। खाते से मुनाफे के पैसे निकालने के दौरान प्रतीक को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। प्रतीक ने संबंधित नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया था लेकिन नंबर पर संपर्क नहीं हो सका था। प्रतीक ने थाने पर तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
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मिठाई की दुकान पर सो रहे कारीगर की मौत
मेरठ मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में दिल्ली स्वीट्स की दुकान में सो रहे नेपाल निवासी कारीगर गोपाल (45) की शनिवार रात को मौत हो गई। रविवार सुबह वह मृत मिला। वह बीते 15 वर्षों से इसी दुकान पर काम कर रहा था। सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।

जागृति विहार में दिल्ली स्वीट्स के मालिक मयूर विहार निवासी शुभम ने बताया कि नेपाल निवासी गोपाल उनकी दुकान पर 15 साल से कारीगर था। वह फिलहाल शहर में जय भीम नगर में किराए के मकान में रहता था। शुभम को शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि उनका कारीगर नशे में पड़ा हुआ है। इसके बाद अन्य कारीगर उसे उठाकर दुकान के गोदाम में ले गए थे, जहां वह सो गया। 

रविवार सुबह जब दुकान खोली गई और उसे जगाने का प्रयास किया गया, तो वह नहीं उठा। इसके बाद शुभम ने मेडिकल थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि गोपाल की पत्नी पहले उसके साथ मेरठ में किराए के मकान में रहती थी। हालांकि, कुछ समय पहले घरेलू विवाद के कारण वह उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से गोपाल अकेला रह रहा था। 
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