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Meerut: अवैध तरीके से कराई परीक्षा, उत्तर पुस्तिका ले जाते दो पकड़े, इस विवि ने बनाईं एक लाख फर्जी डिग्री

Thu, 22 May 2025 12:04 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

बिजनौर के केएलएस इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज से उत्तर पुस्तिका ले जा रही गाड़ी को एसटीएफ ने पकड़ लिया। बृहस्पतिवार को इस पूरे मामले का खुलासा मीडिया के सामने किया जाएगा।  
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : freepik
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विस्तार
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एसटीएफ टीम ने बुधवार को बिजनौर के केएलएस इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज से परीक्षा की उत्तर पुस्तिका लेकर आ रही गाड़ी को पकड़ लिया। कॉलेज के परीक्षा प्रभारी और इंस्टीट्यूट का एक पदाधिकारी भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। आरोप है कि पकड़े गए आरोपी अवैध तरीके से परीक्षा कराकर मार्क्सशीट और डिग्री बनाने का काम करते थे। बृहस्पतिवार को एसटीएफ पूरे मामले का खुलासा करेगी।
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एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि बिजनौर के देहरादून रोड पर चंदक में केएलएस इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज है। जिसको कुछ समय पहले एनएच-58 पर बने एक विवि ग्रुप ने खरीदा है। कॉलेज में विवि के छात्रों का 20 मई से बीटेक, बीसीए और पालीटेक्निक के करीब 200 छात्रों का पेपर था। 
 

बुधवार को दूसरी पाली में परीक्षा कराने के बाद छात्रों की परीक्षा की कापी एक गाड़ी में रखकर विवि ले जा रहे थे। एसटीएफ ने छापा मारकर सभी परीक्षा की उत्तर पुस्तिका कब्जे में ले लीं। साथ ही मौके से विवि के चार कर्मचारियों को भी हिरासत में ले लिया।
 

इसके बाद परीक्षा की उत्तर पुस्तिका और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर एसटीएफ टीम कॉलेज पहुंची। वहां से कंप्यूटर और सर्वर भी कब्जे में ले लिया। जांच में पता चला कि विवि ने कई राज्यों में फर्जी सेंटर बनाए हैं, जहां नकल कराई जा रही है। घटना के बाद विवि अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। 
 

एसटीएफ के बृजेश सिंह ने बताया कि परीक्षा प्रभारी और इंस्टीट्यूट का एक पदाधिकारी हिरासत में है, जिससे पूछताछ की जा रही है। विवि से डिग्री और मार्क्सशीट भी छात्र-छात्राओं को अवैध तरीके से मिलती थी। विस्तृत जांच की जा रही है।
 

एसवीएस कालेज की जांच में जुटी एसटीएफ, एक लाख से ज्यादा फर्जी डिग्री बनाईं

मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ में फर्जी अंकपत्र, डिग्री के मामले में विश्वविद्यालय का चेयरपर्सन और बाइक बोट घोटाले के आरोपी बिजेंद्र सिंह के मवाना स्थित एसवीएस कॉलेज की जांच में भी एसटीएफ जुट गई है। मोनाड विवि के अलावा एसवीएस कॉलेज का भी सर्वर एसटीएफ टीम जल्द कब्जे में लेगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की एसटीएफ लखनऊ की जांच में सामने आया है कि एक लाख से ज्यादा फर्जी डिग्री बनाई गई हैं।
 

आठ नवंबर 2024 को कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों के बैग से 140 फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे। इसमें मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ की आठ मार्क्सशीट शामिल थीं। समय-समय पर दूसरे राज्यों की टीम भी यहां जांच के लिए आती रही हैं। कुछ दिन पहले ही गुजरात की एक टीम भी यहां जांच के लिए आई थी और कई दिन तक रुककर जांच की थी। 
 

फर्जी मार्कशीट का यह जाल दूसरे प्रदेशों तक फैला हुआ है। मोनाड विश्वविद्यालय को यूजीसी से मान्यता है। छात्रवृत्ति घोटाले के बाद इसे बाइक बोट के आरोपी बिजेंद्र सिंह ने खरीद लिया था। करीब ढाई साल से नया प्रबंध तंत्र कार्य कर रहा है।
 

करीब 58 एकड़ में फैले विश्वविद्यालय प्रांगण में इस सत्र में छह हजार से अधिक छात्र फार्मेसी, इंजीनियरिंग, मानविकी, प्रबंधन, कानून, कृषि, यूजी-पीजी और डाक्टरेक्ट कार्यक्रम में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एसटीएफ ने विवि का रिकार्ड खंगाला तो सामने आया कि एक लाख से ज्यादा फर्जी डिग्री जारी की गई हैं। 
 
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एसटीएफ की टीम यह भी देख रही है कि विवि में बिजेंद्र सिंह के अलावा किस-किस की हिस्सेदारी है। बिजेंद्र सिंह ने और किस-किस कंपनी ने निवेश किया हुआ है, इसकी भी जानकारी एसटीएफ की टीम जुटा रही है।

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