मवाना में आजाद समाज पार्टी के सम्मेलन में शामिल होने के लिए मेरठ से एक बस गई थी। बाकी लोग तो सम्मेलन में चले गए, जबकि कुछ युवक गंगनहर में नहाने चले गए। तभी यह घटना हो गई। दोनों युवकों का देर रात तक कोई सुराग नहीं लगा था।
आजाद समाज पार्टी कांशीराम के संविधान बचाओ सद्भावना सम्मेलन में आए मेरठ के भूसा मंडी व महताब सिनेमा के पास रहने वाले पांच युवक नहर में नहाते समय डूब गए। इनमें से तीन को लोगों ने बचा लिया, जबकि दो युवक फरमान (20) व सुहेल (18) गहरे पानी में बह गए। देर शाम तक पुलिस व स्थानीय गोताखारों ने दोनों की तलाश की, लेकिन अंधेरा होने व मौसम बिगड़ जाने के कारण तलाश बंद करनी पड़ी। दोनों युवकों के परिजन मौके पर पहुंचे, जिनका रोकर बुरा हाल है।
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मवाना में बुधवार को आजाद समाज पार्टी कांशीराम का संविधान बचाओ सद्भावना सम्मेलन था, जिसको राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संबोधित किया। सम्मेलन में मेरठ के महताब सिनेमा के पास भूसा मंडी व मछेरान मोहल्ले के लगभग 45 लोगों को लेकर बस आई थी। बस पक्का तालाब के पास खड़ी थी।
बताया गया है कि अधिकांश लोग तो सम्मेलन में चले गए, लेकिन चांद, शान, साजिद, इब्राहिम, सुफियान, सुहेल व फरमान सम्मेलन में जाने के बजाए कुछ दूरी पर स्थित अनूपशहर ब्रांच गंगनहर में नहाने के लिए चले गए। नहर में नहाने जाने वालों में भूसा मंडी निवासी फरमान (20) पुत्र सुलेमान व उसके साथ महताब सिनेमा के पास रहने वाला सुहेल (18 ) पुत्र शहजाद था।
बताया गया कि सात लोगों में से चांद और शान ही तैरना जानते थे। शेष पांच युवक साजिद, इब्राहिम, सुफियान, सुहेल व फरमान के तैरना नहीं आता था। नहर में नहाने के दौरान पांचों युवक डूबने लगे, जिसमें से शान व चांद ने साजिद, इब्राहिम व सुफियान को तो बचा लिया गया, जबकि फरमान व सुहेल को नहीं बचाया जा सका।
दोनों गहरे पानी में जाकर डूब कर बह गए। शाम चार बजे के आसपास दो युवकों के डूबने की सूचना पुलिस को लगी। पुलिस व स्थानीय गोताखोरों ने दोनों युवकों को तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ पता नहीं लग सका।
सीओ मवाना अभिषेक पटेल ने बताया कि दो युवक डूबे हैं, गोताखोरों से तलाश कराई गई, मगर देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका। अब बृहस्पतिवार सुबह पीएसी के गोताखोरों से तलाश कराई जाएगी।
परिजनों के बताए बिना सम्मेलन में आए
सुहेल के पिता शहजाद व फरमान के पिता सुलेमान ने बताया कि वे उनको बिना बताए सम्मेलन के लिए चले आए थे। इनका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं था। शहजाद का कहना था कि उसने सुहेल को जाने से मना भी किया था। लेकिन वह बिना बताए चला आया। वहीं सुलेमान का कहना है कि वह यारी दोस्ती में चला आया था।
दो माह पहले हुआ था फरमान का निकाह, सुहेल का ईद के बाद होना था
सुहेल का बकरीद के बाद निकाह होना था। जबकि फरमान की लगभग दो माह पहले ही शादी हुई है। सुहेल के पिता शहजाद ने बताया कि सुहेल दो भाई पांच बहन हैं। सुहेल सबसे बड़ा था। वह बाइकों के स्टैंड आदि पर पॉलिश करने का कार्य करता था। सुहेल की लगभग डेढ़ महीने पहले सगाई हुई है, और बकरीद के बाद निकाह होना था। वहीं फरमान के पिता सुलेमान का कहना है कि फरमान दो भाई व एक बहन है। फरमान सबसे बड़ा था। वह टेनिस आदि खेलों के लिए जाल (नेट) बनाने का कार्य करता था। जबकि उसकी परचून की दुकान है। फरमान का दो माह पहले ही निकाह हुआ था।