अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में मौसम भले ही सुहावना हो गया हो, लेकिन प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। रविवार को भी साफ मौसम के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 283 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। शहर के कई इलाकों में तो यह स्तर 300 तक पहुंच गया, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है।
दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है, जिस कारण सुबह और शाम हल्की गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा है। यह मौसमी बदलाव जहां लोगों को सुकून दे रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में भी योगदान दे रहा है।
प्रदूषण का कारण
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, कूड़े के ढेर में आग लगाने की घटनाएं आम हो गई हैं। खुले में पड़ी धूल और निर्माण कार्य भी प्रदूषण को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय निगम की ओर से इन पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
एक्यूआई में वृद्धि
रविवार सुबह 10 बजे शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 283 दर्ज किया गया। यह शनिवार को दर्ज किए गए 260 के आंकड़े से काफी अधिक है। इस वृद्धि ने आने वाले दिनों में भी प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीदों को धूमिल कर दिया है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
उच्च एक्यूआई स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।