एक लाख वाहनों का दबाव... नहीं मिल रहा बजट
बिजली बंबा बाईपास पर सात किमी की मरम्मत के लिए शासन से भी बजट स्वीकृत नहीं हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने बाईपास की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार की थी। जिससे बाईपास को ठीक किया जा चुके। साल 2018 में शासन की ओर से बाईपास को अंतिम बार बजट जारी किया गया था, लेकिन चार साल पूरे होने के बाद भी शासन का कोई ध्यान नहीं है।
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लोक निर्माण विभाग ने सड़क के चौड़ीकरण और अलग से इनर रिंग रोड बनाने के लिए वाहनों की संख्या को आधार मानते हुए सर्वे भी किया, लेकिन शासन से परियोजना को देने के लिए धन स्वीकृत नहीं हो सका।
हद तो अब हो गई जब बाईपास की मरम्मत के लिए भी कार्ययोजना स्वीकृत नहीं हो पा रही है। यहां एक तरफ बंबा होने से कैट आई, बोलार्ड आदि नहीं लगे हैं, जिससे रात के समय कई बार वाहन चालकों को धोखा हो जाता है। इससे सड़क दुर्घटना होने से बाईपास जानलेवा हो गया है।
सात किमी के बाईपास पर कई स्थान से सड़क फटने लगी है। वहीं, जहां-जहां गड्ढ़े हो गए हैं, उस स्थान पर भी नाम का पैचवर्क किया गया है। तीन दिन की बारिश में भी गड्ढ़े दिखाई देने लगे हैं। अवर अभियंता जसबीर सिंह का कहना है कि शासन को कार्ययोजना बनाकर बाईपास की भेजी गई है। हमारी कोशिश है कि बजट स्वीकृत हो जाए। बिजली बंबा बाईपास पर सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।