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Meerut: सीबीआई ने कैंट बोर्ड कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा, 1.10 लाख में हुआ था सौदा

Tue, 11 Oct 2022 11:19 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में सीबीआई ने कैंट बोर्ड कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। 80 संविदा कर्मियों और सैनिटरी सुपरवाइजरों की नियुक्ति का मामले में 1.10 लाख में सौदा हुआ था। पैसा लेते ही सैनिटरी सुपरवाइजर गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस से शिकायत करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच गाजियाबाद की टीम ने सोमवार को कैंट बोर्ड के सैनिटरी सुपरवाइजर संजय को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि कैंट बोर्ड में 80 सफाईकर्मियों की नियुक्ति चल रही है। आरोपी कर्मचारी नियुुक्ति के लिए ही रिश्वत मांग रहा था।

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 सीबीआई की एंटी करप्शन की टीम सोमवार दोपहर छावनी परिषद् कार्यालय पहुंची। टीम ने कार्यालय में जायजा लिया और चुपचाप जाल बिछाकर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई। जिस व्यक्ति से सैनिटरी सुपरवाइजर नौकरी दिलाने के लिए रिश्वत मांग रहा था उसे पैसे देकर संजय की सीट पर भेजा गया।

शुरुआत में 1.20 लाख पहली किस्त देने की बात हुई और बाद में 1.10 लाख में सौदा तय हो गया। पैसा देते ही टीम ने संजय कुमार को दबोच लिया। सीबीआई की रेड की सूचना मिलते ही पूरे कार्यालय में अफरातफरी मच गई। कैंट बोर्ड सीईओ ज्योति कुमार इस बीच घर जा चुके थे। सीबीआई टीम सीईओ से मिलने उनके आवास पर भी पहुंची। 
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अधिकारियों में रही खलबली
कैंट बोर्ड दफ्तार में सीबीआई की रेड ने अधिकारियों को भी परेशानी में डाल दिया। करीब घंटे तक सीबीआई की कार्रवाई चली। वहीं सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल ने कहा कि अवैध निर्माण, डोर टू डोर कलेक्शन, टोल सहित विभिन्न विषयों में सीबीई से शिकायत की गई है। जल्द ही अन्य विषयों में भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि 6 सैनिटरी सुपरवाइजरों की नियुक्ति का मामला भी सुर्खियों में है। 

पहले भी हुई थी सीबीआई की रेड
कैंट बोर्ड दफ्तर में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच की रेड पहले भी कई बार हुई। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए रिश्वत लेने के आरोप में सैनिटरी सुपरवाइजर योगेश यादव को भी सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके पहले कैंट बोर्ड के अस्पताल में भी 40 लाख की दवाओं के मामले में सीबीआई ने छापा मारा था। 
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