यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है और माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षा परिणाम तैयार करने में जुटी है। प्रदेश के 420 विद्यालयों ने हाईस्कूल के आंतरिक मूल्यांकन के अंक और इंटरमीडिएट के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंक परिषद को नहीं भेजे हैं। स्कूलों की यह मनमानी यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों पर भारी पड़ रही है। अंक नहीं मिलने पर इन परीक्षार्थियों का रिजल्ट रुक सकता है।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा है कि 62 जिलों के 420 विद्यालयों ने हाईस्कूल के आंतरिक अंक और इंटर के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के अंक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए। इसमें मेरठ जिले के भी चार स्कूल शामिल हैं।
मेरठ क्षेत्रीय सचिव कमलेश कुमार के अनुसार, सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को सात अप्रैल की शाम तक प्रत्येक दशा में अंक अपलोड करने के निर्देश दिए थे, इसके बाद भी अगर अंक भेजने में लापरवाही बरती गई तो ऐसे स्कूलों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों की लापरवाही से अगर परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण होते हैं तो स्कूलों के प्रधानाचार्य व संबंधित डीआईओएस पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।
छूटे परीक्षार्थियों की हुई प्रयोगात्मक परीक्षा
इंटरमीडिएट के छूटे परीक्षार्थियों की सोमवार को प्रयोगात्मक परीक्षाएं हुई। मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत लगभग 8300 परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं छूट गई थी। परीक्षार्थियों के मूल विद्यालय और राजकीय इंटर कॉलेज मेरठ को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यह परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई। मंगलवार को भी छूटे हुए परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा होगी।