वसूली का भी लगाया आरोप
कमेटी के महामंत्री सतीश चंद्र जैन ने बताया कि गंगा मोटर कमेटी का गठन हुए 115 वर्ष बीत चुके हैं। कमेटी रोडवेज पर अंतिम संस्कार का सामान और बस सेवा नियंत्रित मूल्य पर उपलब्ध कराती है। श्मशान घाट पर भी टूट फूट और निर्माण आदि कार्यों में कमेटी अपनी तरफ से पैसा खर्च करती है। बैंक एफडी और किराए से यह पैसा प्राप्त होता है। श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराने के लिए 700 रुपये और 100 रुपये सफाई के लिए निर्धारित किया गया है। 3 हजार से 5 हजार वसूले जाते हैं। इसके बाद भी केयर टेकर के द्वारा सफाई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
पूर्व में भी सामने आ चुके हैं मामले
सूरजकुंड श्मशान घाट में पूर्व में भी अधजले शवों के कुत्तों के झुंड द्वारा नोचने का मामले सामने आ चुके हैं। कमेटी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद दिन और रात में शवों की देखरख के लिए ड्यूटी लगाई गई। कुछ दिनों के बाद फिर वहीं स्थिति शुरू हो गई।