डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और तत्कालीन सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर यातनाएं देने का आरोप लगाया था। अब दिग्विजय ने डीआईजी सहारनपुर को शपथ पत्र दे दिया है। वहीं मोहित जाटव का कहना है कि मेरी लड़ाई जारी रहेगी।
आईपीएस अविनाश पांडेय पर मारपीट और तत्कालीन इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड पर यातनाएं देने का आरोप लगाने के मामले में दिग्विजय भाटी ने जांच अधिकारी डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को शपथ पत्र देकर कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया है। शपथ पत्र में लिखा है कि अब वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
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भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित कुमार तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से 19 अगस्त को उनके कार्यालय पर मिलने के लिए गए थे। आरोप था कि एसएसपी कार्यालय में दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई की गई। इसके बाद सिविल लाइन थाने के तत्कालीन प्रभारी अखिलेश गौड़ स्वॉट कार्यालय पुलिस लाइन में ले गए थे। अखिलेश गौड़ पर भी यातनाएं देने का आरोप लगाया गया था। घटना में दिग्विजय भाटी की आंख पर गंभीर चोट लगी थी।
वहीं, इस घटना के बाद डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को मामले की जांच सौंपी गई थी। इस प्रकरण में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया गया था। जांच प्रक्रिया के दौरान सहारनपुर के डीआईजी ने मेरठ आकर दोनों के बयान लिए थे और अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल की गई थी। इसी मामले में अब दिग्विजय भाटी ने डीआईजी सहारनपुर के समक्ष शपथ पत्र दिया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
भाटी ने किया समझौता, हम लड़ेंगे कानूनी लड़ाई : मोहित जाटव
घटना के दौरान भाटी के साथ रहे मोहित जाटव ने एक वीडियो बनाकर वायरल किया है। इसमें उन्होंने कहा कि दिग्विजय भाटी ने इस मामले में समझौता कर लिया, लेकिन वह अपनी पूरी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। मोहित जाटव ने कहा कि वह आरोपी अधिकारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने तक लड़ते रहेंगे। इसके साथ ही मोहित जाटव ने भारतीय किसान यूनियन बीआर अंबेडकर के जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दिया है। उनके इस्तीफे को भी नए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
ये बोले एडीजी
शपथ पत्र देने वाली बात जानकारी में नहीं आई है। प्रकरण की जांच डीआईजी सहारनपुर से कराई जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - भानू भास्कर, एडीजी, मेरठ जोन