दो दिन में लगवाएं वॉइस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन परीक्षा केंद्रों में वॉइस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, उनमें दो दिन में यह कैमरे लग जाने चाहिए। मेरठ में 107 में से अभी भी 24 परीक्षा केंद्र ऐसे हैं, जिनमें वॉइस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
29 जनवरी को प्रधानमंत्री होंगे विद्यार्थियों से रूबरू
वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया कि 29 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों से रूबरू होंगे। इसके लिए सभी विद्यालयों में टीवी की व्यवस्था की जाएगी। प्रधानमंत्री विद्यार्थियों को एग्जाम से संबंधित जानकारी देंगे। इस दौरान प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिसके लिए आवेदन कराए जाएंगे।
दो लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं आईं
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाएं आनी शुरू हो गई हैं। पांच लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं आनी हैं, जिनमें से करीब दो लाख उत्तर पुस्तिकाएं आ चुकी हैं, इन्हें राजकीय इंटर कॉलेज में रखा गया है। यहीं से इनका वितरण होगा।
छात्रों को करनी होगी अब दोगुनी मशक्कत
11वीं में मैथ्स स्ट्रीम लेने के लिए छात्रों को दोगुनी मशक्कत करनी पड़ेगी। 2020 से केवल वही छात्र 11वीं में मैथ्स स्ट्रीम ले सकेंगे जिन्होंने दसवीं में स्टैंडर्ड मैथ्स का पेपर दिया होगा। बेसिक मैथ्स का पेपर देने वाले छात्रों को 11वीं में सिर्फ इसी शर्त पर मैथ्स स्ट्रीम दी जाएगी जब वे कंपार्टमेंट में स्टैंडर्ड मैथ्स का पेपर देंगे।
सीबीएसई ने हाल में ही गणित के दो पेपर होने का नियम लागू किया है। इसके तहत दसवीं की बोर्ड परीक्षा में छात्रों को बेसिक मैथ्स और स्टैंडर्ड मैथ्स में से किसी एक पेपर का चुनाव करना होगा। यह नियम 2020 से देशभर में लागू होगा।
सितंबर-अक्तूबर में जब छात्रों का पंजीयन दसवीं कक्षा के लिए होगा तभी उन्हें स्टैंडर्ड मैथ्स और बेसिक मैथ्स दोनों के पेपर का विकल्प दिया जाएगा। छात्र दोनों में से जो चाहें वो पेपर चुन सकते हैं। बेसिक मैथ्स में सरल पेपर आएगा। जो केवल सिलेबस कवर करेगा और सामान्य सवाल होंगे। वहीं स्टैंडर्ड मैथ्स में सिलेबस बेसिक मैथ्स वाला होगा, लेकिन सवाल कठिन होंगे। स्टैंडर्ड मैथ्स का पेपर आईआईटी जेईईई व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार होगा। ताकि छात्र अगर 11वीं कक्षा में मैथ्स लेना चाहे या गणित विषय से जुड़ी किसी प्रतियोगी परीक्षा को देना चाहता है तो उसी के अनुसार उसकी तैयारी हो जाए। बेसिक और स्टैंडर्ड मैथ्स में शिक्षक व पढ़ाई समान ही होगी। इससे स्कूल या शिक्षकों पर अतिरिक्त भार नहीं आएगा।
नंबर स्कोर कर पाएंगे छात्र
बोर्ड ने जो नया नियम बनाया है उससे औसत छात्रों को बहुत लाभ मिलेगा। छात्रों को आसान पेपर मिलेगा, वे अच्छे अंक ले पाएंगे। वहीं ऐसे छात्र जो गणित में ही भविष्य बनाना चाहते हैं उनके लिए स्टैंडर्ड मैथ्स रहेगा।
- गोपाल दीक्षित, प्रिंसिपल बीडीएस स्कूल
बोर्ड ने उठाया अच्छा कदम
बोर्ड ने अच्छा कदम उठाया है। इस नियम से सिलेबस या पढ़ाई में परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन छात्र बंट जाएंगे। जो छात्र मैथ्स चाहते हैं वो स्टैंडर्ड मैथ्स का पेपर दें। जो छात्र गणित स्ट्रीम नहीं चाहते वो सामान्य गणित का पेपर दें।
- संजीव अग्रवाला, प्रिंसिपल मेरठ पब्लिक स्कूल मेन विंग
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/