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मेरठ: हत्या कर शव जंगल में फेंका, तीन दिन बाद भी नहीं हुई पहचान, पुलिस आज कराएगी अंतिम संस्कार

Tue, 03 Oct 2023 02:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के खरखौदा थानाक्षेत्र में शनिवार को मिले शव की तीन दिन बाद भी पहचान नहीं हो सकी। आखिरकार आज पुलिस अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कराएगी। वहीं पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच पड़ताल में जुटी है। 
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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शनिवार सुबह उलधन गांव के जंगल में लहूलुहान अवस्था में मिले एक युवक के शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी। पुलिस ने जांच में युवक की जेब से मिली डायरी में लिखे मोबाइल नंबर और आस-पास के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले लेकिन युवक की पहचान का कोई सुराग नहीं मिल सका है। आज पुलिस शव का अंतिम संस्कार कराएगी।  
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पुलिस के अनुसार क्षेत्र के जंगल में सर्विस रोड पर गांव के हरनाम के खेत के पास युवक की लाश मिली थी। मृतक की उम्र करीब 30 वर्ष आंकी गई है। उसके चेहरे पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले हैं। शव की हालत देखकर युवक को पहचानना मुश्किल हो रहा था। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। हो सकता है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को यहां लाकर फेंका गया हो। 
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एक परिवार पहचान के लिए पहुंचा लेकिन फिर किया इनकार 
हापुड़ क्षेत्र के गांव घुंगराला का निवासी एक परिवार शव की पहचान करने आया लेकिन शरीर पर मौजूद कई निशानों के आधार पर शव की पहचान से इनकार  कर दिया। पुलिस के अनुसार शव की पहचान के काफी प्रयास किए गए। आज 72 घंटों के बाद भी शव की पहचान में कोई कामयाबी न मिलने पर अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।

डायरी में कैसे पहुंचा नफीस का नंबर, उठे सवाल
डायरी में हापुड़ के घुंघराला निवासी और फिलहाल दिल्ली में रह रहे नफीस का नंबर पुलिस को मिला। इस पर पुलिस ने फोन कर व्हाट्सएप पर फोटो भेजे तो उसने शव अपने भाई का होने की आशंका जाहिर की थी। हालांकि बाद में मोर्चरी पहुंचे अन्य परिजनों ने इससे इनकार कर दिया। अब यह जांच की जा रही है कि इस डायरी में नफीस का नंबर कैसे पहुंचा।
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