चोरी के चार मोबाइलों के साथ एक गिरफ्तार
टीपीनगर थाना पुलिस ने चोरी के चार मोबाइलों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि एक सूचना के आधार पर शिवपुरम निवासी शिवम बृहस्पतिवार को फल मंडी के गेट नंबर-3 से पकड़ा गया। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
हृदयगति रुकने से दरोगा की मौत
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के दरोगा 53 वर्षीय विनय कुमार मुरादाबाद की 23 वीं बटालियन पीएसी में ट्रेनिंग कर रहे थे। तबियत बिगड़ने पर दरोगा अपने घर कंकरखेड़ा की न्यू गोविंदपुरी में वापस आ गए थे। यहां बृहस्पतिवार सुबह हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरोगा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। न्यू गोविंदपुरी मोहल्ला निवासी अर्जुन ने बताया कि ससुर विनय कुमार यूपी पुलिस में दरोगा थे। वर्तमान में उनकी तैनाती डायल-112 में नोएडा में थी। उनके ससुर मुरादाबाद की 23वीं बटालियन पीएसी में 20 दिन से ट्रेनिंग कर रहे थे। चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें माइनर अटैक पड़ा है।
युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी
परतापुर रेलवे स्टेशन से कुछ दूर ब्रजविहार कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय धीरज ने घरेलू कलह में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। धीरज बुधवार रात परतापुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और दिल्ली से मेरठ आ रही जांलधर सुपरफास्ट के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक की जेब से मिले आधार कार्ड से शनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। पुलिस के अनुसार युवक गृहकलेश के चलते कई महीनों से परेशान चल रहा था आंशका है कि इसी कारण से युवक ने आत्महत्या की है। एएसपी अंतरिक्ष जैन का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
युवती के फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर किए वायरल
लिसाड़ी गेट क्षेत्र की रहने वाली युवती के फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए गए। इससे उसका रिश्ता भी टूट गया। बृहस्पतिवार को युवती के पिता एसएसपी कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पिता के मुताबिक उनका कुछ रिश्तेदारों से विवाद चल रहा है। दो अप्रैल को एक रिश्तेदार ने उनका फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दी। मना किया तो आरोपी पांच लाख रुपये की मांग करने लगे। छह मई को आरोपी ने उसकी बेटी के फोटो खींचे और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इन फोटो को एडिट कर इंस्टाग्राम पर डाला गया।
अक्षय बैंसला ने किया कोर्ट में सरेंडर
मेडिकल थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर के-ब्लॉक में करीब एक माह पूर्व फायरिंग मामले में छात्र नेता अक्षय बैंसला ने बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वरुण सिरोहा और प्रिंस अभी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र के कोटा गांव निवासी आदित्य चौधरी चरण सिंह विवि में बीएससी माइक्रोबायलॉजी का छात्र है। एक माह पूर्व वह विवि से अपने दोस्तों के साथ आवास की ओर जा रहा था।
आरोप है कि रास्ते में बाइक सवार वरुण सिरोहा निवासी टोडा थाना इंचौली, अभिषेक विकल निवासी खाईखेड़ा थाना परीक्षितगढ़, अक्षय बैंसला निवासी खानपुर थाना खरखौदा और तीन-चार अज्ञात लोगों ने उनका पीछा किया। के-ब्लॉक में पहुंचते ही आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गोली आदित्य और उसके दोस्तों के बराबर से होकर निकल गई थी। आदित्य की ओर से मेडिकल थाने में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस की जांच में प्रिंस नाम के युवक का नाम भी प्रकाश में आया था। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी का कहना है कि अक्षय बैंसला ने सरेंडर कर दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार
साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने के आरोप में 5 लोगों को मेरठ से गिरफ्तार किया गया है। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने ये कार्रवाई की है। आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी विशाल, अंकित, प्रेमपाल, दुष्यंत व प्रशांत के तौर पर हुई। इनसे पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे। अंकित व प्रशांत स्पोर्ट्स का सामान बेचने का काम करते हैं। वही प्रेमपाल दवा सप्लाई का काम करता है, जबकि विशाल व दुष्यंत बेरोजगार है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है। डिजिटल अरेस्ट कर 77 लाख रुपये की ठगी के मामले में इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में सेक्टर-21सी निवासी व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना एनआईटी में शिकायत दी थी।
इस धोखाधड़ी में आपका नाम केस में आया हुआ है और यदि तुम इस केस में से अपना नाम कटवाकर, केस का निपटारा करना चाहते हो तो हमारे बैंक खाते में रुपये डालो। ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखा कर 77 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है।