22 फरवरी 2024 को गाजियाबाद से सीबीआई के इंस्पेक्टर ऋषभराज के नेतृत्व में सात सदस्यों की टीम ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की संपत्ति का पता लगाने के लिए हिसावदा में उनकी हवेली पर पहुंचकर खानदान के लोगों से पूछताछ की थी। इसके साथ ही संपत्ति का ब्योरा लिया था, लेकिन वहां कुछ मिला नहीं था।
अब सीबीआई ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसपर हिसावदा के नवीन मलिक तथा पवन आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सच बोलने पर यह कार्रवाई की जा रही है। भाजपा तथा रालोद के नेता इसपर खुलकर बोलने से बचे तो विरोधी दलों तथा किसान संगठनों के नेता पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का पक्ष लेते दिखे।
सरकार की पोल खोलने पर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ यह कार्रवाई की है। अब मलिक साहब गंभीर बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। इसलिए ऐसे समय में सरकार को इस तरह का कदम नहीं उठाना चाहिए था। कांग्रेस इसका विरोध करती है। - नवाब अहमद हमीद, प्रदेश महासचिव कांग्रेस
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक खुलकर सरकार के खिलाफ बोल रहे थे। वह उनकी कार्यप्रणाली की पोल खोलने से नहीं डरते थे। इसलिए उन्हें घेरने के लिए सीबीआई ने अब उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। - रविंद्र देव, सपा जिलाध्यक्ष
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ षडयंत्र रचा गया है। क्योंकि वह सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलते रहे। सच बोलने पर उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। उन्होंने जिन पर रिश्वत की पेशकश करने का आरोप लगाया, उनके खिलाफ कुछ नहीं किया गया। - चौ. प्रताप सिंह गुर्जर, भाकियू जिलाध्यक्ष
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हमेशा नैतिक मूल्यों तथा ईमानदारी की राजनीति की है। किसानों तथा अन्य जनता के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ बोलने पर सीबीई ने चार्जशीट दायर की जो कतई उचित नहीं है। - अन्नू मलिक, किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं निवासी हिसावदा
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक एवं अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। इसमें न्यायालय में सबकुछ देखा जाएगा और उनके खिलाफ साक्ष्य होंगे तो न्यायालय फैसला लेगा। नहीं तो वह निर्दोष साबित हो जाएंगे। - ओमबीर ढाका, रालोद के क्षेत्रीय सचिव