मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे, मेरठ-देहरादून हाईवे, हापुड़ रोड, मवाना रोड सहित सभी मार्ग पर अनगिनत यूनिपोल और होर्डिंग्स लगे हुए हैं। चौराहे हों या बाजार, सब जगह होर्डिंग्स से शहर पटा पड़ा है। आंकड़ों की बात करें तो नगर निगम ने 225 यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाए है। जिसमें से कई जर्जर हालत में है।
जानकार बताते हैं कि होर्डिंग्स के मामले में नगर निगम और ठेकेदारों का गठजोड़ पुराना है। तीस साल से कुछ चुनिंदा लोग ही निगम अधिकारियों से सांठगांठ कर होर्डिंग्स का ठेका ले रहे हैं। नियम बदलते रहे, लेकिन ठेका लेने वालों के चेहरे नहीं बदले।
इसको लेकर बड़ा विवाद निगम के बोर्ड बैठक और कार्यकारिणी में भी हो चुका है। मुंबई में होर्डिंग्स गिरने से लोगों की मौत, बंगाल में तूफान के बाद अलर्ट जारी हुआ। मेरठ नगर निगम ने अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों पर कार्रवाई करनी शुरु की है।
रविवार को अवैध होर्डिंग्स लगाने वाली चार कंपनी पर 52 लाख और मंगलवार को एक कंपनी पर नौ लाख का जुर्माना लगाया। हैरत की बात है कि इस जुर्माने या फिर नोटिस से ठेकेदारों की सेहत पर असर नहीं पड़ रहा है। अभी तक शहर से एक भी अवैध होर्डिंग्स या यूनिपोल नहीं हटाया। इससे नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे है।
ओके मीडिया की इन अवैध होर्डिंग्स के लिए लगा जुर्माना
स्थल स्थिति
कंकरखेडा शिव चौक के पास निजी संपत्ति की छत पर होर्डिंग्स
मोदीपुरम मेरठ वन के सामने मोदीपुरम मेरठ वन के सामने छत पर होर्डिंग्स
मोदीपुरम राज रिसोर्ट के पास निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
घाट मोड जैन शिकंजी निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
परतापुर फ्लाई ओवर सरकारी संपत्ति पर होर्डिंग्स
सुशांत सिटी सरकारी संपत्ति पर होर्डिंग्स
बागपत फ्लाई ओवर मंडप के पास निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
बागपत फ्लाई ओवर प्रधान मैटीरियल सरकारी संपत्ति पर होर्डिंग्स
तेजगढी शराब ठेके के पास निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
तेजगढी चौराहा से एल ब्लॉक तिराहे मार्ग पर पीवीएस के पास निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
पीएल शर्मा रोड पर निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
नन्दन सिनेमा के निकट निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
मोदीपुरम फ्लाई ओवर के पास निजी संपत्ति पर होर्डिंग्स
10 साल तक दो एजेंसी का रहा कब्जा
2013 से 2023 तक यानी दस साल हीरा और अनुभव एजेंसी के पास होर्डिंग्स का ठेका रहा। नगर निगम ने 10 साल पहले बीओटी (बनाओ, इस्तेमाल करो और फिर निगम को वापस करो) सिस्टम चालू किया था।
बीओटी में हीरा एजेंसी के पास शहर में 17 चौराहों पर होर्डिंग्स और अनुभव एजेंसी पर डिवाइडर होर्डिंग्स लगाने का ठेका था। रजिस्ट्रेशन के जरिए जिन ठेकेदारों का ठेका मिला उसमें हीरा, अनुभव के साथ फाइन और एडवर को सड़क किनारे होर्डिंग्स लगाने का ठेका मिला था।
मानक पूरा न करने पर होर्डिंग्स ठेकेदारों की कइ एजेंसी निगम ने 2014 में ब्लैक लिस्ट कर दी। ठेकदारों ने दूसरी एजेंसी बनाकर फिर से इनका ठेका ले लिया। 2012 से पहले भी घूम फिर कर इन्हीं कंपनियों से जुड़े लोगों को होर्डिंग्स का ठेका मिलता था।
फिर अनुभव एजेंसी को होर्डिंग्स का ठेका
नगर निगम ने 2024 में होर्डिंग्स ठेके में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू की। जिसमें पहले हीरा और प्रधान इंफ्रा को टेंडर मिला। अनुबंध पूरा न होने पर नगर निगम ने दोनों एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट करते हुए उनकी 92 लाख की जमानत राशि जब्त कर ली और टेंडर निरस्त कर दिया। दोबारा टेंडर हुआ, जिसमें फिर अनुभव एजेंसी को ठेका मिल गया।
अवैध तरीके से होर्डिंग्स लगाने वाली पांच एजेंसी पर करीब 62 लाख का जुर्माना लग चुका है। जुर्माना वसूलने के लिए जिला प्रशासन से भी चिट्टी लिखी गई हैं। जुर्माना न देने वालों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी। शहर की बाकी अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल का सर्वे कराया जा रहा है। -प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त
5.50 करोड़ में होर्डिंग्स का ठेका लिया है। बच्चा पार्क, गंगा प्लाजा सहित कई जगहों पर अवैध होर्डिंग्स लगाकर कुछ लोग पैसा कमा रहे है। जिससे निगम को भी हानि हो रही है। नगर निगम को अवैध होर्डिंग्स और यूनिपोल की लिस्ट दी है। हमने सभी होर्डिंग्स निगम के मानकों के आधार पर लगाए है। -सचिन चौधरी, डायरेक्टर अनुभव एजेंसी