ग्राम प्रधान का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को लिखित रूप से अवगत भी कराया जा चुका है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाना मुनासिब नहीं समझा है जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश है।
मेरठ से सटे सरधना विधानसभा का अंतिम गांव अकबरपुर सादात में कोरोना ही गांव के लिए अभिशाप बनता दिख रहा है। तकरीबन 7200 की जनसंख्या की आबादी वाला मिश्रित गांव अकबरपुर सादात में बीते 20 दिन में कोरोना या बुखार से 12 लोगों की मौत होने के बाद भी बेपरवाह स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कोरोन कैंप लगाने की जहमत नहीं उठाई है। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इस गांव की सुध लेने को तैयार नहीं है ।
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मवाना सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर सतीश भास्कर का कहना है कि गांव में कोरोना की किट वितरित की जा रही है कैंप लगाने के बारे में उनका कहना है कि जल्द ही गांव में कैंप भी लगाया जाएगा।
ग्राम प्रधान दीपक कुमार का कहना है कि पूरे गांव को सेंटेंस करा दिया गया है गांव में कैंप के लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखित रूप से अवगत भी कराया जा चुका है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाना मुनासिब नहीं समझा है जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश है।