परिजनों ने 2:45 मिनट तक एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें जूनियर डॉक्टर कह रहा है -नहीं हो पाएगा ऑपरेशन, कहीं और ले जाओ, सिफारिश से भर्ती करा सकते हो, ऑपरेशन नहीं
मेरठ मेडिकल में संतोष कुमार की मौत में हुई लापरवाही का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि अब नया मामला सामने आया है। मुजफ्फरनगर निवासी 25 वर्षीय अंकुश सड़क हादसे में घायल हो गए थे। शुक्रवार रात मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल ने मेरठ के मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
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परिजन यहां पहुंचे तो मेडिकल कॉलेज में सुविधा न होने का हवाला देकर मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। परेशान परिजन अंकुश को निजी अस्पताल ले गए, वहां अंकुश को मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जूनियर डॉक्टर पर अभद्रता का भी आरोप है। मामले की जांच शुरू हो गई है।
परिजनों ने बताया कि जानसठ में अंकुश की बाइक बुग्गी के नीचे आ गई थी। वह केबल नेटवर्क से जुड़ी कंपनी में जॉब करता था। उन्होंने कहा कि यदि मेडिकल में समय से इलाज मिल जाता तो शायद जान बच जाती।
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परिजनों ने 2:45 मिनट तक एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें जूनियर डॉक्टर कह रहा है -नहीं हो पाएगा ऑपरेशन, कहीं और ले जाओ, सिफारिश से भर्ती करा सकते हो, ऑपरेशन नहीं। कोरोना के डर से न्यूरो के डॉक्टर ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। आपके मरीज के हित में यह बता रहा हूं। इससे साफ है कि व्यवस्था में सुधार के दावों के बावजूद मेडिकल कॉलेज में मरीजों और तीमारदारों की हालत क्या है।
चिकित्सक पर की जाएगी कार्रवाई : प्राचार्य
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब किया गया है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।