हादसों की स्थिति
वर्ष सड़क दुघर्टना मृतक घायल
2013 882 467 848
2014 1047 384 921
2015 952 386 728
2016 977 421 758
2017 1040 417 808
2018 784 329 567
इस वर्ष की स्थिति: एक जनवरी से 15 अक्तूबर तक की है। यह आंकड़े ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हैं।
यह कहते हैं एक्सपर्ट
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र कहते हैं किसी भी लोकेशन पर 500 मीटर के दायरे में अधिक दुघर्टना होती हैं तो वह ब्लैक स्पॉट है। इंजीनियरिंग से ही ब्लैक स्पॉट को खत्म किया जा सकता है। ब्लैक स्पॉट भी सड़क दुघर्टनाओं का कारण है। संबंधित विभागों को भी ब्लैक स्पॉट पर काम करना चाहिए।
बेलगाम दौड़ रहे जुगाड़
शहर में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों के चालान न काटे। लेकिन जुगाड़ शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते हैं। प्रदूषण फैलाने के साथ ही जुगाड़ से हादसे होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इनमें इंजन किसी वाहन का है और पहिए दूसरे वाहन के। इतना ही नहीं इस जुगाड़ में स्पीड मीटर तक नहीं होता। इनमें लोहा ओर अन्य सामान लादकर ले जाया जाता है, लेकिन पुलिस ने कभी जुगाड़ को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की।
ओवर स्पीड पर लगाम नहीं
हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे ओवर स्पीड के होते हैं। साल 2017 में ट्रैफिक पुलिस ने ओवर स्पीड में 70 वाहनों पर ही कार्रवाई की। इस साल 40 वाहनों पर ही ओवर स्पीड में कार्रवाई की गई। यातायात माह में दस दिन में एक भी वाहन ट्रैफिक पुलिस को हाईवे पर ओवर स्पीड नहीं मिला। जबकि शहर की ज्यादातर सड़कों पर वाहनों की ओवर पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ट्रैफिक पुलिस की इंटरसेप्टर गाड़ी हाईवे की जगह चौराहों पर खड़ी रहती है। इस वाहन को टीआई की ड्यूटी का वाहन बना दिया है, ऐसे में ओवर स्पीड वाहनों पर नजर ही नहीं रखी जा रही है।
छुट्टी के कारण नहीं चला अभियान
यातायात माह में पुलिस स्कूलों में जागकता अभियान चला रही है। बीच के दिनों में छुट्टी पड़ने के कारण कई अभियान नहीं चल सके। ओवर स्पीड और दो पहिया वाहन पर बिना हेलमेट को लेकर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ब्लैक स्पॉट को लेकर एमडीए और एनएचएआई के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है। - संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक
हादसे के बाद याद आते हैं ब्लैक स्पॉट
पुलिस के आंकड़ों में 25 ब्लैक स्पॉट हैं। एनएच-58 (दिल्ली देहरादून हाईवे), दिल्ली पौड़ी मार्ग, मेरठ- बुलंदशहर हाईवे और शहर में भी ब्लैक स्पाट चिन्हित हैं। मेरठ पौड़ी मार्ग पर डेयरी फार्म तिराहा, फिटकरी पुलिया, मवाना तिराहा और बहसूमा बाईपास मोड़ हैं। प्रत्येक साल सड़क दुघर्टनाओं में जान जाती है। यहां न तो साइन बोर्ड लगे हुए हैं। न ही स्पीड कम के लिए ब्रेकर हैं। पुलिस की तरफ से भी कोई भी बोर्ड नहीं लगाए गये। दिल्ली देहरादून हाईवे पर रिठानी पीर, मोहिउद्ीनपुर शुगर मिल, भूड़बराल, परतापुर तिराहा, घाट तिराहा, सकौती फ्लाईओवर, नंगली गेट, रूहासा कट, भराला, सिवाया कट, खड़ौली कट और दौराला थाने के समीप सर्विस रोट कट हैं।
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