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मेरठ: पुलिस अफसरों के दावे अभी तक फेल, यातायात माह में कैसे रुकेंगे सड़क हादसे

Mon, 12 Nov 2018 03:51 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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ट्रैफिक पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में यातायात माह की शुरुआत हुई तो पुलिस अफसरों ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए। एक नवंबर से शुरू हुआ यातायात माह 30 नवंबर तक चलेगा। दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने अभी तक भी कोई प्रभावी अभियान शुरू नहीं किया है। सवाल उठता है कि वाहनों की चेकिंग और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर शमन शुल्क वसूलने से आखिर सड़क दुघर्टना कैसे रूकेंगी ? जबकि मेरठ में रोजाना औसतन तीन सड़क दुघर्टनाएं होती हैं।

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एक नवंबर को पुलिस लाइन में यातायात माह का शुभारंभ किया गया था। इसमें जोन के एडीजी, डीएम, एसएसपी व अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ के लिए यातायात प्रवर्तन, प्रशिक्षण, अभियांत्रिकी एवं यातायात जागरूकता संबंधित कार्यक्रम के आयोजनों के निर्देश दिए गये हैं। स्कूलों में ट्रैफिक पुलिस का जागरुकता अभियान चल रहा है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सड़क दुघर्टनाओं में 16 साल से 30 साल तक के युवकों की मौत की संख्या अधिक है। तेजगति से वाहन चलाना, बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाना, ब्लैक स्पॉट, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट न लगाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बातचीत करना, 18 साल से कम उम्र के युवाओं द्वारा वाहन चलाना, दो पहिया वाहन से स्टंट करना, नशा करके वाहन चलाना दुघर्टनाएं होने के मुख्य कारण हैं।

यातायात माह
- ओवर स्पीड, ब्लैक स्पॉट और बिना हेलमेट के दो पहिया वाहनों पर नहीं हुई कोई प्रभावी कारवाई
- प्रत्येक दिन होती हैं औसतन तीन सड़क दुर्घटनाएं
- वाहनों के कागजात चैक करने से ही आखिर कैसे रुकेंगी सड़क दुर्घटनाएं

हादसों की स्थिति
 वर्ष    सड़क दुघर्टना    मृतक    घायल 
 2013    882    467    848
 2014    1047    384    921
 2015    952    386    728
 2016    977    421    758
 2017    1040    417    808
 2018    784    329    567
इस वर्ष की स्थिति: एक जनवरी से 15 अक्तूबर तक की है। यह आंकड़े ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हैं। 

यह कहते हैं एक्सपर्ट
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के निदेशक प्रो. सतीश चंद्र कहते हैं किसी भी लोकेशन पर 500 मीटर के दायरे में अधिक दुघर्टना होती हैं तो वह ब्लैक स्पॉट है। इंजीनियरिंग से ही ब्लैक स्पॉट को खत्म किया जा सकता है। ब्लैक स्पॉट भी सड़क दुघर्टनाओं का कारण है। संबंधित विभागों को भी ब्लैक स्पॉट पर काम करना चाहिए।

बेलगाम दौड़ रहे जुगाड़
शहर में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों के चालान न काटे। लेकिन जुगाड़ शहर की सड़कों पर बेलगाम दौड़ते हैं। प्रदूषण फैलाने के साथ ही जुगाड़ से हादसे होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इनमें इंजन किसी वाहन का है और पहिए दूसरे वाहन के। इतना ही नहीं इस जुगाड़ में स्पीड मीटर तक नहीं होता। इनमें लोहा ओर अन्य सामान लादकर ले जाया जाता है, लेकिन पुलिस ने कभी जुगाड़ को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की।
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ओवर स्पीड पर लगाम नहीं
हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे ओवर स्पीड के होते हैं। साल 2017 में ट्रैफिक पुलिस ने ओवर स्पीड में 70 वाहनों पर ही कार्रवाई की। इस साल 40 वाहनों पर ही ओवर स्पीड में कार्रवाई की गई। यातायात माह में दस दिन में एक भी वाहन ट्रैफिक पुलिस को हाईवे पर ओवर स्पीड नहीं मिला। जबकि शहर की ज्यादातर सड़कों पर वाहनों की ओवर पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ट्रैफिक पुलिस की इंटरसेप्टर गाड़ी हाईवे की जगह चौराहों पर खड़ी रहती है। इस वाहन को टीआई की ड्यूटी का वाहन बना दिया है, ऐसे में ओवर स्पीड वाहनों पर नजर ही नहीं रखी जा रही है।

छुट्टी के कारण नहीं चला अभियान
यातायात माह में पुलिस स्कूलों में जागकता अभियान चला रही है। बीच के दिनों में छुट्टी पड़ने के कारण कई अभियान नहीं चल सके। ओवर स्पीड और दो पहिया वाहन पर बिना हेलमेट को लेकर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ब्लैक स्पॉट को लेकर एमडीए और एनएचएआई के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है। - संजीव बाजपेयी, एसपी ट्रैफिक

हादसे के बाद याद आते हैं ब्लैक स्पॉट 
पुलिस के आंकड़ों में 25 ब्लैक स्पॉट हैं। एनएच-58 (दिल्ली देहरादून हाईवे), दिल्ली पौड़ी मार्ग, मेरठ- बुलंदशहर हाईवे और शहर में भी ब्लैक स्पाट चिन्हित हैं। मेरठ पौड़ी मार्ग पर डेयरी फार्म तिराहा, फिटकरी पुलिया, मवाना तिराहा और बहसूमा बाईपास मोड़ हैं। प्रत्येक साल सड़क दुघर्टनाओं में जान जाती है। यहां न तो साइन बोर्ड लगे हुए हैं। न ही स्पीड कम के लिए ब्रेकर हैं। पुलिस की तरफ से भी कोई भी बोर्ड नहीं लगाए गये। दिल्ली देहरादून हाईवे पर रिठानी पीर, मोहिउद्ीनपुर  शुगर मिल, भूड़बराल, परतापुर तिराहा, घाट तिराहा, सकौती फ्लाईओवर, नंगली गेट, रूहासा कट, भराला, सिवाया कट, खड़ौली कट और दौराला थाने के समीप सर्विस रोट कट हैं।

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