डॉक्टरों की चेतावनी
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. निकुंज जैन ने बताया कि खर्राटे सांस की नली में रुकावट का संकेत हो सकते हैं। इससे फेफड़ों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक तक का कारण बन सकता है। उन्होंने अपील की कि बच्चों या बड़ों में लगातार खर्राटों की समस्या होने पर तुरंत नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।