उसे सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खून चढ़ाने के बाद उसे उल्टियां हुईं। आरोप है कि अस्पताल में स्टाफ ने गंभीरता से इलाज नहीं किया। अस्पताल स्टाफ की लापरवाही की वजह से उसकी मौत हुई है।
माैत के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। छात्र नेताओं का कहना था कि निजी अस्पताल का स्टाफ रात में अक्सर लापरवाही से काम करता है। इसकी वजह से अस्पतालों में रात में मृत्यु ज्यादा होती हैं। इसकी गंभीरता से जांच कराई जाए और कार्रवाई की जाए।
वहीं, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान छात्र नेता विनीत चपराणा, रजत ठाकुर, अशोक, प्रशांत, अमन और दीपक आदि मौजूद रहे। दूसरी तरफ, अस्पताल स्टाफ ने आरोपों को निराधार बताया है।