दुर्गाबाड़ी स्थित मंदिर के साधारण सदस्य और ऋषभ एकेडमी के सचिव संजय जैन ने 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही थी। अब कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है।
सदर में दुर्गाबाड़ी स्थित दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में घोटाले के मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी में नौ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। इसमें पूर्व पार्षद अनिल जैन का नाम भी शामिल है। एसपी सिटी ने बताया कि कुछ आरोपी जमानत पर हैं, मगर जिन्होंने कोर्ट से जमानत नहीं ली है, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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सदर निवासी संजय जैन ऋषभ एकेडमी में सचिव पद पर कार्यरत हैं। संजय जैन ने 7 मई 2025 को सदर बाजार थाने में मृदुल जैन, सुनील जैन, अनिल जैन उर्फ बंटी, विजय जैन, रंजीत जैन, दिनेश कुमार जैन, पूर्व पार्षद अनिल जैन, सुशील जैन चावल वाले और डा. संजय जैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
संजय जैन ने आरोप लगाया था कि दिगंबर पंचायती मंदिर दुर्गाबाड़ी में 100 करोड़ से अधिक रुपया, चढ़ावा, सोना-चांदी के सामान का घोटाला किया गया। इतना ही नहीं फर्जी चुनाव के दस्तावेज भी तैयार किए गए।
इस मामले की जांच पहले सदर बाजार पुलिस कर रही थी लेकिन बाद में जांच तत्कालीन एसएसपी डा. विपिन ताडा ने साइबर थाने को सौंप दी थी। आरोपियों से सेटिंग के खेल का आरोप भी लगा था। जिसके बाद शिकायत मिलने पर तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने जांच साइबर थाना में तैनात इंस्पेक्टर राम अवतार को सौपी। विवेचना में सभी आरोपियों को पुलिस ने दोषी माना है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि इस मामले में मृदुल जैन, सुनील जैन, अनिल जैन उर्फ बंटी, विजय जैन, रंजीत जैन, दिनेश कुमार जैन, अनिल जैन पूर्व पार्षद, सुशील जैन चावल वाले और डॉ. संजय जैन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है।
एसपी सिटी ने बताया कि जानकारी मिली है कि कुछ आरोपियों ने इस मामले में कोर्ट से जमानत ले ली है। जिन्होंने जमानत नहीं ली है, उनके यहां दबिश देकर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।