उधर, गन्ना समिति चेयरमैन ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि गांव की रंजिश के चलते उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। जिस किशोरी ने आरोप लगाया है, वह केवल 15 जून से 15 जुलाई तक एक माह उनके यहां रही। ऐसे में फिर वह आठ माह की गर्भवती कैसे हो सकती है?
चेयरमैन का कहना है कि वह डीएनए टेस्ट को तैयार हैं। वहीं इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच उपरांत सामने आये तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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