सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की तैयारी
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शास्त्रीनगर के विभिन्न सेक्टरों में 800 से अधिक भूखंडों पर कार्रवाई की जानी है। आदेश के तहत आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। साथ ही सभी संपत्ति स्वामियों को आवास विकास परिषद के स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही निर्माण करना होगा। इसी कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र की महिलाएं और स्थानीय लोग लगातार धरना देकर विरोध जता रहे हैं।
धरना स्थल पर पुलिस और कांग्रेस नेत्री के बीच नोकझोंक
धरना स्थल पर उस समय हल्की नोकझोंक हो गई जब कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा महिलाओं के बीच पहुंचीं। इस दौरान नौचंदी थाना इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने उनसे धरने से हटने की बात कहते हुए कहा कि राजनीति न करें और केवल पीड़ित लोगों को ही धरने पर बैठने दें।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर धरना स्थल पर भारी पुलिस बल, पीएसी और सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके।
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व्यापारियों ने 17 अप्रैल को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया
संयुक्त व्यापार संघ (नवीन गुप्ता गुट) की बैठक में प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए 17 अप्रैल को आवास विकास कार्यालय पर बड़े प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई।
संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि प्रशासन केवल व्यापारियों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल मार्केट जैसे दशकों पुराने बाजार में 350 दुकानों को सील किया जा चुका है और अब सेक्टर-2 समेत पूरे शास्त्रीनगर और जागृति विहार के बाजारों पर भी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि नियम ऐसे होने चाहिए जो विकास को बढ़ावा दें, न कि व्यापारियों को भुखमरी की ओर धकेलें। इसी के विरोध में 17 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवास विकास कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने SSP से की मुलाकात
संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने एसएसपी से मुलाकात कर बाजार बजाजा के व्यापारी प्रदीप अग्रवाल और उनके पुत्र शिवम अग्रवाल के खिलाफ हो रही पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया। महामंत्री संजय जैन ने आरोप लगाया कि एक मामूली मारपीट के मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा दिया गया है और मात्र 12 दिनों में कुर्की की तैयारी कर ली गई।
उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने घटना के वीडियो फुटेज भी एसएसपी को दिखाए। इसके बाद एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीओ अभिषेक तिवारी को निर्देश दिए हैं।