फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: 16 हजार संपत्तियों पर खतरा, 24 अक्टूबर को व्यापारियों का प्रदर्शन

Tue, 13 Oct 2026 12:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण के बाद जोन ए की 16 हजार से अधिक संपत्तियों पर सीलिंग का खतरा बताया जा रहा है। व्यापारियों ने 24 अक्टूबर को प्रदर्शन का एलान किया है, जबकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
विज्ञापन
संयुक्त व्यापार संघ की बैठक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की आशंका के बीच अब व्यापारी संगठन लामबंद होने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के जोन ए में आने वाली 16 हजार से अधिक संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो सकती है। वहीं, उल्देपुर में भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। इस बीच संयुक्त व्यापार संघ के एक गुट ने 24 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है, जबकि दूसरे गुट ने कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ने की बात कही है।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: मेरठ: डीजे की तेज आवाज से बिगड़ी महिला की हालत, प्रसव के एक घंटे बाद मौत, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला
 

Trending Videos

16 हजार से अधिक संपत्तियों पर सीलिंग की आशंका
सेंट्रल मार्केट से शुरू हुआ ध्वस्तीकरण का मामला अब शहर के अन्य कारोबारियों और संपत्ति मालिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। व्यापारियों के बीच आशंका है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत जोन ए की 16 हजार से अधिक संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है।

इसके अलावा, उल्देपुर में भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जल्द किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, संपत्तियों की वास्तविक संख्या, कार्रवाई का दायरा और समयसीमा को लेकर संबंधित प्राधिकरण की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
 

24 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन का एलान
सीलिंग और ध्वस्तीकरण की आशंकाओं के बीच संयुक्त व्यापार संघ के एक गुट ने 24 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है। व्यापारियों का कहना है कि इस प्रकरण से कारोबार और संपत्ति मालिकों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी है।

वहीं, संयुक्त व्यापार संघ के दूसरे गुट ने कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ने की बात कही है। दोनों गुटों के रुख में अंतर के बावजूद व्यापारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

 
विज्ञापन

पहले मेरठ बंद को नहीं मिला था व्यापक समर्थन
सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर इससे पहले मेरठ बंद का आह्वान भी किया गया था। हालांकि, उस दौरान शहर के तमाम बाजार खुले रहे थे और बंद को व्यापक समर्थन नहीं मिला था। अब व्यापारियों के एकजुट होने का दावा किया जा रहा है।

व्यापारियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब सेंट्रल मार्केट के कारोबारियों पर कार्रवाई का खतरा था, तब संयुक्त व्यापार संघ ने उनका साथ क्यों नहीं दिया। इस पर संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, अब वे व्यापारियों के साथ खड़े हैं।

व्यापारियों की नजर अब आगे की कार्रवाई पर
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर व्यापारियों और संपत्ति मालिकों की नजर है। एक ओर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, तो दूसरी ओर कानूनी विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि 24 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन किस स्तर पर होता है और सीलिंग व ध्वस्तीकरण को लेकर संबंधित प्राधिकरण की ओर से क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें